आजकल डायबिटीज उम्र देखकर नहीं हो रहा। किसी भी उम्र के लोग डायबिटीज जैसी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में डायबिटीज के कुछ लक्षणों से आपको परिचित होना बहुत जरूरी है । ताकि आप इन लक्षणों का पहचान कर सकें।
नई दिल्ली। हम जो भोजन करते हैं उससे, शरीर को ग्लूकोज प्राप्त होता है जिसे कोशिकाएं शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में उपयोग करती हैं। यदि शरीर में इंसुलिन मौजूद नहीं होता है तो वे अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाती हैं और ब्लड से कोशिकाओं को ग्लूकोज नहीं पहुंचा पाती हैं। जिसके कारण ग्लूकोज ब्लड में ही इकट्ठा हो जाता है और ब्लड में अतिरिक्त ग्लूकोज नुकसानदायक साबित हो सकता है। यह नुकसान दाई गुलकोस ही हमे डाइबिटाइज का शिकर बना देती है। आज के इस आर्टिकल में हम डायबिटीज के कुछ शुरुवाती लक्षणों को देखेंगे।
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लक्षण
1.वजन कम होना — डायबिटीज में अपर्याप्त इंसुलिन उत्पादन के कारण शरीर खून से ग्लूकोज को बॉडी सेल में पहुंचा नहीं पाता एनर्जी के तौर पर इस्तेमाल के लिए जिसके कारण शरीर फैट और मांसपेशियों को बर्न करने लगता है एनर्जी लिए जिसके वजन कम होने लगता है।
2. घाव या चोट का धीरे भरना - खून में शुगर का लेवल बढ़ने के कारण ऐसा होता है। डायबिटीज टाइप-2 मरीज़ो में ऐसा लक्षण देखने को मिलते है।
3.ज्यादा पेशाब लगना - किडनी खून में मौजूद ज्यादा शुगर को फ़िल्टर करने में सक्षम नहीं होती इसलिए इसे निकलने का एक मात्र तरीका यूरिन के रास्ते है।
4. मानसिक स्वास्थ्य - डायबिटीज टाइप-2 के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है जिसके कारण वो इंसान डिप्रेशन, और एंग्जाइटी का शिकार हो जाता है। मानसिक संतुलन के लिए ज़रूरी है की खून में शुगर लेवल की मात्रा सही हो।
इसके अलावा आपको थकान, सिर दर्द, धुंधलापन दिखना, रेकर्रेंट संक्रमण इम्युनिटी वीक होना, प्राइवेट पार्ट में दिक्कत और दिल की धड़कन तेज डायबिटीज का शुरूआती लक्षण है।
5.आँखों पर बुरा प्रभाव - लम्बे समय तक हाई ब्लड ग्लूकोज़ के कारण होने के कारण आँखों के लेंस में अवशोषण हो सकता जो इसके साइज और नज़र में बदलाव लाता है ।
6.लड़की या महिला में पीरियड का अनियमित होना।
इन लोगों को 25 वर्ष के बाद डायबिटीज का टेस्ट कराना चाहिए, साल में कम से कम एक बार ज़रूर।
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