हाल के दिनों में छोटे बच्चों में खसरा (मीजल्स) के मामले देखने को मिल रहे हैं। खसरा एक प्रकार का संक्रामक रोग है। यह एक से दूसरे में फैलता है। अगर बच्चा किसी संक्रमित के संपर्क में आता है तो 7-10 दिन के अंदर उसमें भी लक्षण आ सकते हैं। शुरू में बुखार आता है लेकिन इसके चौथे दिन से दाने निकलते हैं।

हाल के दिनों में छोटे बच्चों में खसरा (मीजल्स) के मामले देखने को मिल रहे हैं। खसरा एक प्रकार का संक्रामक रोग है। यह एक से दूसरे में फैलता है। अगर बच्चा किसी संक्रमित के संपर्क में आता है तो 7-10 दिन के अंदर उसमें भी लक्षण आ सकते हैं। शुरू में बुखार आता है लेकिन इसके चौथे दिन से दाने निकलते हैं।
दाने पहले चेहरे पर आते हैं और फिर पूरे शरीर पर निकलते हैं। इसमें बुखार 104 डिग्री या इससे ज्यादा भी हो सकता है। खांसी, नाक बहना, आंखों का लाल होना या आंखों से पानी आना भी लक्षण हैं।
इलाज और बचाव: इसके लिए कोई अलग दवा नहीं होती है। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं। बुखार में पैरासिटामॉल और तेज खांसी होने पर कफ की दवा देते हैं। इससे बचाव के लिए बच्चों को डॉक्टर की सलाह से टीका भी लगवाएं।
इनका रखें विशेष ध्यान
बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें। अपने मन से बच्चे को कोई दवा न दें। दानों में खुजली होने पर नारियल का तेल लगाएं। खसरे का टीका 80त्न तक ही सुरक्षित है। इसलिए दोनों डोज लगवाएं।