स्वास्थ्य

UTI Treatment Tips : पेशाब की जलन से परेशान है तो अपनाएं ये 5 टिप्स

UTI Treatment Tips : कुछ ही देर में आपको पेशाब में जलन की शिकायत हो सकती है। इसकी जलन भी इतनी बड़ी होती है कि आप इसे भूल नहीं सकते। यदि आप ऐसा कर रहे हैं, तो कुछ घरेलू उपचार आपके काम आ सकते हैं। लेकिन उससे पहले, आपको पेशाब में जलन होने के कारणों

2 min read
Sep 23, 2024
UTI treatment tips

UTI Treatment Tips : कुछ ही देर में आपको पेशाब में जलन की शिकायत हो सकती है। इसकी जलन भी इतनी बड़ी होती है कि आप इसे भूल नहीं सकते। यदि आप ऐसा कर रहे हैं, तो कुछ घरेलू उपचार आपके काम आ सकते हैं। लेकिन उससे पहले, आपको पेशाब में जलन होने के कारणों का पता लगाना होगा। जैसे, अगर आपको यूटीआई है तो आपको शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ाना चाहिए, ताकि पेशाब ब्लैडर से नीचे आना आसान हो। दूसरा, अगर ये पानी की कमी से हुआ है तो आपको पानी की मात्रा को और अधिक करना चाहिए। यदि आप इस तरह की स्थिति में हैं, तो आप इन घरेलू उपायों को अपना सकते हैं।

UTI Treatment Tips : इन टिप्स से दूर करें पेशाब की जलन को

गुड और गर्म पानी

गुड़ मूत्रवर्धक भी है। यह भी एंटीबैक्टीरियल है। ऐसे में गुड़ को गर्म पानी में मिलाकर पीना बैक्टीरिया को ब्लैडर से बाहर निकालता है। ये भी पेशाब की जलन को तेजी से राहत देता है।

एप्पल साइडर विनेगर ड्रिंक

एप्पल साइडर विनेगर ड्रिंक, UTI के लिए बहुत अच्छा है। दरअसल, एप्पल साइडर विनेगर एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल है। ये ब्लैडर के बैक्टीरिया और फंगस को मारने में मदद कर सकते हैं और यूटीआई की समस्या को कम कर सकते हैं। इसलिए, एक गिलास गुनगुना पानी में दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं। फिर सेवन करें।

शरीर में नींबू पानी की मात्रा बढ़ जाएगी। नींबू का विटामिन सी और एंटीबैक्टीरियल गुण ब्लैडर का पीएच बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इसके एंटीबैक्टीरियल गुणों से UTI इंफेक्शन भी कम होंगे।

नारियल पानी

नारियल पानी पीना पेशाब में जलन को कम कर सकता है। दरअसल, नारियल पानी में बहुत सारे इलेक्ट्रोलाइट और सोडियम होते हैं। साथ ही, ये ब्लैडर का pH ठीक करते हैं और बैक्टीरिया को पेशाब से बाहर निकालने में मदद करते हैं। ये पेशाब में जलन कम कर सकते हैं।

ककड़ी खाएं

ककड़ी को गुणों को भंडार माना जाता है। ककड़ी ठंडी होती है और यदि हम इसका सेवन करते है तो पेशाब खुलकर आती है और जलन में मदद मिलती है। ककड़ी में क्षारीय तत्व मौजूद होने के कारण मूत्र की कार्यप्रणाली के सुचारू रूप से संचालन में सहायक होती हैं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
23 Sept 2024 02:51 pm
Also Read
View All

अगली खबर