स्वास्थ्य

Vitiligo: क्या छूने से भी हो सकती है सफ़ेद दाग की समस्या, जाने इसके लक्षण और बचाव के इन तरीकों के बारे में

Vitiligo: विटिलिगो एक प्रकार के त्वचा का विकार है, इसे ल्यूकोडर्मा के नाम से से भी जाना जाता है, ये आपके बॉडी के स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित करता है, इसलिए जानिए कि क्या ये छूने से भी एक से दूसरे व्यक्ति को फ़ैल सकती है।  

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Vitiligo: विटिलिगो की बात करें तो ये एक प्रकार से त्वचा से जुड़ी बीमारी है, यदि समय रहते इस बीमारी का इलाज नहीं किया जाता है तो धीरे-धीरे ये पूरे शरीर में फ़ैल जाती है, कई लोगों का मानना ये होता है कि ये बीमारी छुआछूत से ज्यादातर होती है, लेकिन ये गलत है। इसलिए जानिए कि क्या है इस बीमारी के लक्षण, कारण और जानिए बचाव के इन तरीकों के बारे में।

सबसे पहले जानिए कि क्या होता है विटिलिगो
विटिलिगो की बात करें तो इसके होने पर स्किन में सफ़ेद दाग पड़ जाते हैं, जो धीरे-धीरे बड़े होने लगते हैं, कई बार तो ये बॉडी में पूरी तरह से बुरी तरह फ़ैल जाते हैं, ये कभी-कभी तो पूरे बॉडी में तेजी से फ़ैल सकते हैं। इस बीमारी का यदि सही समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो ये मुँह के अंदर के हिस्से से लेकर बालों तक फ़ैल सकते हैं।

विटिलिगो के क्या हो सकते हैं लक्षण
इस बीमारी के शुरुआत के लक्षण की बात करें तो इसके लक्षण पैची होना है, ये लक्षण सबसे ज्यादा हांथो, पैरों और शरीर के कई सारे पार्ट्स में हो सकते हैं, अन्य लक्षणों की बात करें तो ये बालों, दाढ़ी और अन्य बॉडी पार्ट्स में हो सकते हैं, विटीलीगो किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, इसका खतरा ज्यादातर 30 साल के उम्र के लोगों को ज्यादातर रहता है।

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क्या छुआछूत की बीमारी है विटिलिगो
सफ़ेद दाग की बीमारी को आमतौर पर लोग छुआछूत की बीमारी मानते हैं, पर ये बीमारी छुआछूत की बीमारी नहीं है, ये आमतौर पर गैर-संक्रामक बीमारी है, जो एक से दूसरे तक नहीं फैलती है।


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जानिए कैसे करें इस बीमारी से खुद का बचाव
यदि आप सफ़ेद दाग के प्रभाव को कम करना चाहते हैं या इसे बढ़ने नहीं देना चाहते हैं तो आपको कोशिश करना चाहिए कि साबुन, डिटर्जेंट का इस्तेमाल कम से कम मात्रा में ही करें, इसके आलावा कोशिश करें कि रासायनिक तत्वों के संपर्क में न आएं, वहीं यदि अत्यधिक तनाव या चिंता में रहते हैं तो भी इसे लेने से बचें।

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डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

Published on:
26 May 2022 04:40 pm
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