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Cancer Prevention: टूथपेस्ट से लेकर हेयर डाई तक, आपके घर में छिपे हैं साइलेंट किलर! कैंसर सर्जन ने बताया सच

Cancer Prevention: जिन चीजों को हम सुरक्षित समझकर इस्तेमाल करते हैं, उनमें मौजूद खतरनाक केमिकल्स धीरे-धीरे शरीर को खोखला कर रहे हैं। ताजा रिसर्च के अनुसार, ब्रेड, प्लास्टिक और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में मौजूद तत्व कैंसर का खतरा बढ़ा रहे हैं। आइए डॉ अंशुमान कुमार (कैंसर सर्जन) जानते हैं कि ये आम चीजें हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा रही हैं।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 17 Apr 2026, 4:05 PM IST

Cancer Prevention

Cancer Prevention (Image- gemini)

Cancer Prevention: कैंसर का नाम सुनते ही हमारे जहन में सिगरेट, शराब या तंबाकू का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सुबह की शुरुआत जिस टूथपेस्ट और ब्रेड से होती है, वो भी कैंसर की वजह बन सकते हैं? जी हां, हमारी लाइफस्टाइल में शामिल कई चीजें अब धीमे जहर का काम कर रही हैं। रसोई से लेकर आपके मेकअप बॉक्स तक, कैंसर पैदा करने वाले तत्व (Carcinogens) हर जगह मौजूद हैं। आइए डॉ अंशुमान कुमार (कैंसर सर्जन) जानते हैं कि ये आम चीजें हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा रही हैं।

1. ब्रेड और सफेद मैदा-

बाजार में मिलने वाली ब्रेड को फुलाने और सफेद रखने के लिए पोटेशियम ब्रोमेट जैसे केमिकल का इस्तेमाल होता है। यह तत्व शरीर के लिए इतना घातक है कि कई देशों में इस पर पाबंदी है। इसके लगातार सेवन से पेट और किडनी के कैंसर का रिस्क रहता है।

2. प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक-

प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से लेकर प्लास्टिक के डिब्बों में खाना गर्म करना या गरम चाय प्लास्टिक के कप में पीना कैंसर को सीधा निमंत्रण देना है। गर्म होने पर प्लास्टिक से BPA (बिस्फेनॉल-ए) निकलता है, जो हमारे खाने के जरिए खून में मिल जाता है।

3. टूथपेस्ट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स-

ज्यादातर टूथपेस्ट और कॉस्मेटिक्स (जैसे क्रीम, लोशन) में 'पैराबेंस' और 'ट्राइक्लोसन' होते हैं। ये केमिकल्स शरीर के हार्मोन्स का संतुलन बिगाड़ देते हैं, जिससे महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।

4. हेयर डाई और स्किन केयर-

बालों को कलर करने वाली हेयर डाई में मौजूद PPD और अमोनिया जैसे केमिकल स्कैल्प (सिर की त्वचा) के जरिए शरीर के अंदर पहुँचते हैं। कई स्टडीज में इसे ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) और लिंफोमा से जोड़कर देखा गया है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।