स्वास्थ्य

SPECIAL REPORT : पूर्वोत्तर के इस राज्य में क्यों नहीं हैं एक भी कोरोना संक्रमित

कोरोना महामारी देश के अधिकांश हिस्सों में फैल गया है। लेकिन पूर्वोत्तर के कोने में बसा नगालैंड एकमात्र राज्य है जहां अभी तक एक भी संक्रमित केस नहीं रिपोर्ट हुआ है। इसके लिए राज्य सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए। इनमें प्रमुख रूप से असम से लगती सीमा सील करने, और प्रवासियों को रोकने के लिए योजना लांच की, जिससे बहुत कम लोग अन्य प्रदेशों से घर आए। यदि यूपी और बिहार इस राज्य से सीख लेते तो वहां पर संक्रमितों की संख्या तेजी से न बढ़ती।

less than 1 minute read
May 24, 2020
SPECIAL REPORT

नई दिल्ली. देश के अन्य हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों के घर लौटने से रोकने के लिए नगालैंड सरकार ने अनोखा तरीका अपनाया। ऐसे नागरिक जो दूसरे राज्यों में रह रहे हैं वे यदि घर वापस न लौटने का विकल्प नहीं चुनते हैं तो उन्हें 10 हजार रुपए सहायता राशि दी जाएगी। इस तरह 19,000 लोगों ने घर न लौटने के लिए अपने नाम पंजीकृत कराए। पिछले सप्ताह कोहिमा में कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला खोली है। ट्रेन व विमान सेवाएं शुरू होने के बाद अब राज्य सरकार क्वारंटीन सेंटर खोलने की तैयारी में है। जो लोग दूसरे प्रदेशों व देशों से लौट रहे हैं उन्हें दीमापुर व कोहिमा में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जा रहा है।

लक्षद्वीप भी संक्रमण मुक्त
नगालैंड के अलावा लक्षद्वीप भी कोरोनोवायरस से मुक्त हो गया है। इसके अलाव पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा राज्य सिक्किम एक दिन पहले तक संक्रमण मुक्त रखने में सफल रहा। एक दिन पहले दिल्ली से परीक्षाओं की तैयारी में गया छात्र संक्रमित मिला है, उसके साथ सफर कर रहे 12 अन्य यात्रियों को भी क्वारंटीन किया गया है। इससे 15 जून से स्कूल, कॉलेजों को खोलने की योजना खतरे में पड़ सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों संक्रमण रोकने में सफल
देश के अन्य क्षेत्रों की तुलना में, पूर्वोत्तर राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। एक संक्रमित मामले मिलने के बाद मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में कोई सक्रिय केस नहीं हैं। असम अब तक सबसे ज्यादा प्रभावित है, जिसमें अब तक 329 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार त्रिपुरा ने 189, मणिपुर 29 व मेघालय में 14 संक्रमित हैं।

Published on:
24 May 2020 09:24 pm