
अमरीका में अस्पतालों में भर्ती हुए कुल कोरोना मरीजों में २ फीसदी 18 साल से कम उम्र के हैं। मौतों का आंकड़ा 0.1 फीसदी है।
कुछ बच्चों में कोरोना गंभीर क्यों
अमरीका के शिकागो में एक स्टडी में पाया गया कि मार्च-जुलाई तक जा बच्चे अस्पताल में भर्ती कराए गए उनमें या तो पहले से कोई समस्या या फिर कोरोना के अलावा कोई और संक्रमण था।
कम संक्रमण क्यों
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को जल्दी सर्दी-जुकाम होता रहता है। इससे उनके शरीर में फ्लू जैसे संक्रमणों से लडऩे वाली टी-कोशिकाएं पहले से ही मौजूद होती हैं। इसलिए संक्रमण का खतरा कम होता है।
संक्रमित मां से कितना खतरा
न्यूयॉर्क प्रेस्बिटेरियन हॉस्पिटल में अध्ययन में पाया गया कि संक्रमित मां के ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चे को कोरोना होने का खतरा ना के बराबर है। इस अध्ययन में 101 बच्चों को शामिल किया गया। स्टडी जेएएमए पीडिएट्रिक्स में प्रकाशित की गई है।
केस 1 : अब सेहत व सुरक्षा को लेकर ज्यादा जागरूक
स्थान : जयपुर
उम्र : 12 साल
मैं जब कोरोना संक्रमित हुई तो क्वॉरंटीन किया गया। यह एक अलग अनुभव रहा। कभी घर वालों से अलग नहीं रही, लेकिन घर में ही अलग रहने के दौरान कुछ बुरा सा भी लगता था। पूरे समय अकेले रहते हुए नियम से दवाई ली। 14 दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आई। अब नियमित योगा, व्यायाम करती हूं। सोशल डिस्टेसिंग व मास्क लगाती हूं और सभी को प्रेरित भी करती हूं।
प्रोटोकॉल को लेकर ज्यादा सजग
केस 2 : स्थान जयपुर
उम्र : 10 साल
अक्टूबर माह में कोरोना पॉजिटिव आई थी, लेकिन लक्षण नहीं दिख रहे थे। हल्का बुखार जरूर हुआ। मम्मी-पापा भी क्वारंटीन हुए। इस दौरान रोजाना समय पर स्वयं दवाइयां लेने के साथ ही योग और व्यायाम किया। अब घर में आने वाले सभी चीजों को सैनेटाइज करने के साथ ही मास्क और सोशल डिस्टेसिंग की पालना को लेकर सजग हूं। घर में भी बाहर से आने वाला यदि इसकी पालना नहीं करते तो इसको लेकर टोंक देता हूं।
केस 3 : बिना मास्क के घर से नहीं निकलती
स्थान : रायपुर
उम्र : 10 साल
मां-पिता और दस साल की बेटी संक्रमित हुई तो सभी क्वारंटीन हो गए। पिता की मौत हो गई और मां-बेटी रिकवर हो गईं। आज मैं बिना मास्क के घर से नहीं निकलती हूं। अधिकांश समय घर पर ही रहते हैं। कोरोना से बचने के लिए हर बचाव के कार्य करती हूं। छत्तीसगढ़ में 2.45 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसमें करीब 2 फीसदी संक्रमितों की उम्र 10 साल से कम है।