कोरोना महामारी के चलते वर्किंग कल्चर में काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम के बाद हाईब्रिड वर्ककल्चर से काम में लचीलापन आया है। आपको जानकार हैरानी होगी कि हाईब्रिड वर्किंग कल्चर हार्ट को मजबूती दे रहा है। इससे हृदय और रक्त वाहिकाओं की बीमारियों का जोखिम कम होता है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक कर्मचारियों को अधिक लचीलापन, संतुलन और समर्थन देने से उनके हृदय स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक कोविड के बाद से काम में लचीलेपन के कुछ लाभ देखे हैं। वर्किंग कल्चर बदलने से एम्प्लॉयर को भी फायदा हुआ है। काम में लचीलेपन और कर्मचारियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने से उत्पादकता अधिक हो सकती है और टर्नओवर भी कम हो सकता है।
ऐसे हुआ अध्ययन
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने वर्कप्लेस कार्यक्रम विकसित किए जो कामकाजी जीवन और व्यक्तिगत जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन प्रदान करते हैं, साथ ही एक सहायक कार्य वातावरण भी प्रदान करते हैं। हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याओं के अधिक जोखिम वाले कर्मचारियों में हृदय रोग के जोखिम में कमी देखी गई।
कर्मचारियों का सम्मान जरूरी
एम्प्लॉयर ने अपने एम्प्लॉइज को उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक दायित्वों का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही वर्क परफॉर्मेंस को लेकर आॅनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारी और उनके बॉस मिलकर, कर्मचारियों को उनके शेड्यूल पर अधिक नियंत्रण रखने और प्रोडक्टिव काम पर फोकस करने के तरीकों पर बात करते थे।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।