
Global Iodine Deficiency Disorders Prevention Day: सुबह उठते ही शरीर में भारीपन महसूस होना, बिना कुछ खाए-पिए वजन लगातार बढ़ता जाना या फिर गले के पास हल्की सी सूजन दिखना ये ऐसी छोटी चीजें हैं जिन्हें हम अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी की थकान मानकर टाल देते हैं। लेकिन जरा रुकिए! क्या आपने कभी सोचा है कि आपके शरीर की थायराइड ग्रंथि अंदर ही अंदर किसी बड़ी परेशानी से जूझ रही हो? हमारे शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई तरह के विटामिंस और मिनरल्स चाहिए होते हैं, और उनमें से एक बेहद जरूरी खनिज है आयोडीन। भारत सरकार के स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर को वैश्विक आयोडीन कमी विकार (आईडीडी) रोकथाम दिवस (Global Iodine Deficiency Disorders Prevention Day) मनाया जाता है,आइए आज इस मौके पर जानते हैं कि हमारे शरीर में आयोडीन की कमी क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है?
WHO ( विश्व स्वास्थ्य संघठन) के अनुसार, हमारे गले में मौजूद थायराइड ग्रंथि खास हॉर्मोन बनाती है जो हमारे खाने को ऊर्जा में बदलते हैं (यानी मेटाबॉलिज्म संभालते हैं), दिमाग का विकास करते हैं और शरीर को एक्टिव रखते हैं। जब शरीर में इस खनिज की कमी होने लगती है, तो थायराइड सुस्त पड़ जाता है और शरीर के बाकी हिस्से भी जवाब देने लगते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब शरीर में आयोडीन घटने लगता है, तो वह अलग-अलग तरीकों से इशारे देता है। इन लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है;
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, हमारा शरीर खुद आयोडीन नहीं बना सकता, इसलिए यह पूरी तरह हमारे खान-पान पर टिका है। इसके मुख्य कारण ये हैं;
थकान और वजन बढ़ने को सिर्फ बढ़ती उम्र या काम का दबाव मानकर छोड़ देना समझदारी नहीं है। आयोडीन जैसी छोटी सी चीज की कमी हमारी पूरी सेहत बिगाड़ सकती है। बस थोड़ी सी सावधानी, सही नमक का चुनाव और पौष्टिक खाना आपको और आपके परिवार को पूरी तरह स्वस्थ रख सकता है।