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Eye Rubbing Habit: आंख मलने पर सुकून क्यों मिलता है, हेल्थलाइन से जानिए इस आदत के क्या नुकसान हो सकते हैं

Eye Rubbing Habit Effect: सुबह उठते ही आंखें मलने की आदत आपकी रोशनी के लिए सही नहीं है। साइंस डायरेक्ट और हेल्थलाइन से जानिए इसके गंभीर नुकसान, केराटोकोनस का खतरा और कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है।
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भारत

•

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Nidhi Yadav

•

Oct 21, 2026

A person gently holding their hand near tired eyes to avoid the dangerous habit of eye rubbing

अपनी आंखों को रगड़ने की इच्छा से बचें, यह आम आदत समय के साथ कॉर्निया को गंभीर नुकसान और दृष्टि संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Eye Rubbing Habit Effect: क्या आप भी सुबह सोकर उठते ही सबसे पहले अपनी आंखें मलते हैं? या फिर दिनभर स्क्रीन के सामने बैठते-बैठते जब थकावट होती है, तो आंखों को जोर से मसलने में एक अजीब सा सुकून मिलता है? सच तो यह है कि हममें से ज्यादातर लोग ऐसा अनजाने में ही कर बैठते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अनजानी सी आदत आपकी आंखों की नाजुक पुतली (कॉर्निया) को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकती है? आइए समझते हैं कि आंखें मलने की यह आदत कब तक सामान्य है और कब यह आपकी आंखों के लिए एक गंभीर रेड फ्लैग बन जाती है।

आंखें मलने पर आखिर सुकून क्यों मिलता है?

साइंसडायरेक्ट के मुताबिक, जब हम अपनी आंखें मलते हैं, तो आंख के गोलक (आंखों की पुतली) पर हल्का दबाव पड़ता है। इस दबाव से 'ओकुलोकार्डिएक रिफ्लेक्स' (Oculocardiac reflex) सक्रिय होता है, जो हमारी दिल की धड़कन को थोड़ा धीमा कर देता है और वेगस नर्व को शांत करता है। इसी वजह से आंखें मसलते ही हमें तुरंत एक सुखद और राहत भरा अहसास होता है। इसके अलावा, आंखें मलने से आंसुओं की ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं, जिससे सूखी आंखों को नमी मिलती है और अंदर फंसी धूल-मिट्टी बाहर निकलने लगती है। लेकिन यही तात्कालिक राहत आगे चलकर एक बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है।

आंखें मलने से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?

हेल्थलाइन के अनुसार, आंखें बहुत ही नाजुक ऊतकों (tissues) से बनी होती हैं। बार-बार और जोर-जोर से आंखें मलने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं;

  • केराटोकोनस (Keratoconus)- यह सबसे बड़ा खतरा है। लगातार दबाव पड़ने से आपकी आंख का पारदर्शी सामने का हिस्सा (कॉर्निया) पतला होने लगता है और धीरे-धीरे एक पतंग या शंकु (cone) के आकार में बाहर की ओर उभर जाता है। इससे धुंधला दिखना शुरू हो जाता है और चश्मे का नंबर तेजी से बदलता है।
  • आंखों में संक्रमण (Infections)- हमारे हाथों में अनगिनत बैक्टीरिया और वायरस होते हैं। जब हम बिना हाथ धोए आंखें मलते हैं, तो कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) जैसी बीमारियां आसानी से फैल जाती हैं।
  • कॉर्निया पर खरोंच (Corneal Abrasion)- अगर आंख में धूल या पलक का बाल फंसा है और आप आंख मसल देते हैं, तो वह कण कॉर्निया को छील सकता है, जिससे तेज दर्द और पानी आने की समस्या होती है।
  • काला मोतिया (Glaucoma) का जोखिम- आंख मसलने से आंख के अंदर का दबाव (IOP) अचानक बहुत बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से काला मोतिया है, उनकी ऑप्टिक नर्व को इससे भारी नुकसान पहुंच सकता है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर आंखें मलने की आदत के साथ-साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से संपर्क करें;

  • अचानक धुंधला दिखाई देना।
  • तेज दर्द और लगातार पानी बहना।
  • तेज धूप या कमरे की रोशनी में आंखें न खोल पाना।
  • आंखों के सामने तैरती हुई आकृतियां महसूस होना।

इस आदत को कैसे रोकें?

  • जब भी आंख मलने का मन करे, आर्टिफिशियल टियर्स (सैलिन आई ड्रॉप्स) का इस्तेमाल करें ताकि आंखों की जलन शांत हो सके।
  • एलर्जी की समस्या हो तो ठंडे पानी की पट्टी या आइस पैक से आंखों की सिकाई करें।
  • हर 20 मिनट की स्क्रीन टाइम के बाद 20 फीट दूर रखी किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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