World Mosquito Day : पूरे विश्व में आज के दिन को विश्व मच्छर दिवस ( World Mosquito Day ) के रूप में मनाया जाता है। आज ही के दिन 20 अगस्त 1897 में सर डाॅनाल्ड़ राॅस ने एक खोज की और खोज में पाया कि मलेरिया फैलाने के लिए मादा एनाफिलिज मच्छर (Anopheles mosquito) जिम्मेदार है।
World Mosquito Day : पूरे विश्व में आज के दिन को विश्व मच्छर दिवस ( World Mosquito Day ) के रूप में मनाया जाता है। आज ही के दिन 20 अगस्त 1897 में सर डाॅनाल्ड़ राॅस ने एक खोज की और खोज में पाया कि मलेरिया फैलाने के लिए मादा एनाफिलिज मच्छर (Anopheles mosquito) जिम्मेदार है। इस मादा मच्छर के पेट में ही मलेरिया का परजीवी पाया जाता है। तब से इस दिन को इतिहास के पन्नों में दर्ज किया गया और आज के दिन को विश्व मच्छर दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
मच्छर का काटना कितना घातक है यह इस बात से ही पता लगाया जा सकता है कि इसके काटने सेे लगभग हर वर्ष 10 लाख मौतें हो जाती हैं। विश्वभर में लगभग हर साल 70 करोड़ लोग मच्छर के काटने से संक्रमित होते हंै। आंकडों की बात कि जाए तो साल 2022 में मलेरिया के 25 करोड़ केस सामने आए थे और इसी साल लगभग मलेरिया से 6 लाख 20 हजार लोगों की जान गई थी। इसी के अगले साल 2023 में पूरी दूनिया में डेंगू के 30 लाख से अधिक केस मिले। इस वर्ष की बात की जाए तो अब तक लगभग डेंगू से 1500 लोग अपनी जान गंवा चूके हैं।
मच्छर का काटना हमें कई बीमारायों के और आमंत्रित कर सकता है। हमें पता भी नहीं लग पाता कि इस मच्छर ने काट लिया तो अब हमें यह बीमारी हो सकती हैं। मच्छरों की बात कि जाए तो ये कई प्रकार के होते हैं। जिनके काटने से हमें अलग-अलग बीमारियां होती हैं।
एनाफिलीज मच्छर - इस मच्छर के काटने से हमें हमें मलेरिया , लिम्फेटिक फाइेलेरिया जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं। लिम्फेटिक फाइेलेरिया का ज्यादा प्रकोप अफ्रीका में होता है।
एडीज मच्छर - इस मच्छर के काटने से चिकनगुनिया, डेंगू बुखार , लिम्फेटिक फाइलेरिया, रिफ्ट वैली बुखार , पीजा बुखार , जीका वायरस, पीजा बुखार को पीत ज्वर के नाम से भी जाना जाता है।
क्यूलेक्स मच्छर - इस मच्छर के काटने से जपानी इन्सेफेलाइटिस , लिम्फेटिक फाइलेरिया , वेस्ट नाइल फीवर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
सीनियर डाॅक्टरों का कहना है कि पहले माॅर्टीन के धुएं से मच्छर मर जाते थे लेकिन कुछ दिन बाद यह बेअसर हो गया और कुछ दिनों बाद जहरीली अगरबत्ती भी बेअसर होने लगी। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि इस मच्छरों की प्रतिरोधी क्षमता कई गुना बढ़ गई है और यह ताकतवर हो गए हैं। इन्होंन इस ताकतवर धुएं में सर्वाइल करना सीख लिया है। इन सब से बचने का सबसे अच्छा तरीका घर के आसपास साफ सफाई रखना, पूरे बाजू के कपड़े पहनना और मच्छरदानी लगाकर सोना। इन उपायों से आप लंबे समय तक बच कर रह सकते हैं।