हिसार

महिला के आरोपों पर कोर्ट की टिप्पणी-सहमति से 19 साल तक संबंध बनाए तो दुष्कर्म कैसे?

38 पेज के फैसले में न्यायाधीश ने व्यापारी नवीन कुमार (42) को दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया...
2 min read
• •
Updated: 18 Aug 2018, 8:14 PM IST
court file photo
court file photo

(यमुनानगर): 19 साल तक दुष्कर्म किए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने तल्ख टिप्पणी की। क्राइम अगेंस्ट वूमन अदालत की न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने कहा कि महिला के बयान विश्वास के योग्य नहीं है, जिन्हें मंजूर नहीं किया जा सकता। 19 साल तक आपसी सहमति से बने संबंध दुष्कर्म नहीं हो सकता। महिला के बयान और साक्ष्यों के बीच विरोधाभास है। 38 पेज के फैसले में न्यायाधीश ने व्यापारी नवीन कुमार (42) को दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया।

एडवोकेट विनय शर्मा ने बताया कि गांव भूखड़ी निवासी व्यापारी 42 वर्षीय नवीन कुमार का आरा मशीन और धर्मकांटा है। आरा मशीन पर काम करने वाले व्यक्ति ने आर्थिक हालत कमजोर होने की बात कहते हुए अपनी पत्नी की बहन को को व्यापारी के घर पर घरेलू काम के लिए रखवा दिया। इस दौरान महिला के साथ व्यापारी के शारीरिक संबंध बन गए। बाद में महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने दोनों के बीच रिलेशनशिप की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। एक साल तक अदालत में केस चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।

न्यायाधीश ने कहा कि नि:संदेह सहमति से संबंध बने हैं जो केस दायर किया है वह विश्वास योग्य नहीं है। यह ऐसा केस है जो संबंधों में खटास आने की वजह से हुआ है। महिला के परिवार में बहनें, जीजा, भाई सभी एक साथ उसी घर में रहते थे। एक भी उसके हक में कोर्ट नहीं आया,जबकि महिला कह रही है कि 19 साल से दुष्कर्म हो रहा है। महिला ने जून 2017 को बूडिय़ा पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका जीजा नवीन कुमार की आरा मशीन में काम करता था। 19 साल पहले उनकी रिश्तेदारी में एक मौत हो गई।


पूरा परिवार अंतिम संस्कार के लिए वहां पर गया था। इसी का फायदा उठाकर नवीन उसके घर में आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। नवीन ने उसका फोटो खींच लिया और वीडियो क्लिप भी बना ली। इसके बाद वह उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने लगा। विरोध करने पर मारपीट भी की। पुलिस ने दुष्कर्म,मारपीट व जूस में मिलाकर गर्भपात की दवा खिलाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। नवीन ने कोर्ट में दिए बयान में बताया था कि वर्ष 2014 में बसंत नगर तेजली में उन्होंने कोठी बनाई थी। इसकी कीमत 30 लाख से अधिक है। महिला इस कोठी को अपने नाम कराने की मांग कर रही थी। इन्कार करने पर महिला ने उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। महिला ने दुष्कर्म का केस दर्ज करवाने से पहले नवीन पर खर्चें का केस भी डाला था।

Published on:
Also Read
View All