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रेवाड़ी में ‘परफेक्ट मर्डर’ का खौफनाक एंड: नहर में मिली लाश, शरीर पर नहीं था कोई निशान; पर एक डिलीटेड कॉल ने खोल दिया पत्नी का राज

Haryana Crime News: रेवाड़ी में पति की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान मोबाइल से डिलीट की गई कॉल हिस्ट्री और चैट रिकवर होने के बाद पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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हिसार

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Imran Sheikh

Jul 04, 2026

Rewari Murder Case

पत्नी निकली मास्टरमाइंड, प्रेमी संग मिलकर की थी ​पति की हत्या।

Rewari Murder Case: अमूमन जब किसी की लाश नहर में मिले, पास ही उसकी गाड़ी खड़ी हो और शरीर पर चोट का एक भी निशान न हो, तो लोग इसे सिर्फ एक हादसा या डूबने का मामला मान लेते हैं। रेवाड़ी की 21 साल की तन्नु ने भी यही सोचा था। उसने बड़ी चालाकी से अपने पति के 'परफेक्ट मर्डर' की स्क्रिप्ट लिखी थी। उसे यकीन था कि पानी सारे सबूत बहा ले जाएगा और वो अपने प्रेमी के साथ एक नई जिंदगी शुरू कर देगी। लेकिन वो एक मामूली सी बात भूल गई। लाशें भले ही तैरकर पानी के ऊपर आ जाएं, पर गुनाह के राज मोबाइल के डिलीटेड डेटा में ही छिपे रह जाते हैं।

जब हादसे की कहानी पर पुलिस को हुआ शक

मामला रेवाड़ी के कसौला इलाके का है। 21 साल का मोनू 8 जून की रात को अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी लेकर दवाई लेने निकला था, लेकिन रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। दो दिन बाद, 10 जून को उसकी लाश आसलवास नहर में तैरती हुई मिली। शुरुआती पोस्टमार्टम और हालात को देखकर ऐसा लग रहा था कि मोनू संतुलन बिगड़ने की वजह से नहर में डूब गया। पुलिस चाहती तो इसे एक सामान्य हादसा मानकर फाइल बंद कर सकती थी, लेकिन डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण और उनकी टीम को कुछ अजीब लग रहा था।

मोबाइल की 'हिस्ट्री' खंगाली तो उड़ गए होश

पुलिस ने जब मोनू और उसकी पत्नी तन्नु के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच शुरू की, तो तन्नु के फोन में एक संदिग्ध बात नजर आई। वारदात वाली रात की कुछ कॉल डिटेल्स और चैट डिलीट की गई थीं। पुलिस का शक यकीन में बदल गया। जब साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से उस डिलीटेड डेटा और कॉल हिस्ट्री को रिकवर किया गया, तो कत्ल का वो खौफनाक सच सामने आया जिसने पुलिस को भी सन्न कर दिया।

ऐसे रचा गया था मौत का चक्रव्यूह

कॉल डिटेल्स से साफ हो गया कि तन्नु का सोनू नाम के एक लड़के के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों मोनू को रास्ते से हटाना चाहते थे। 8 जून की रात को तन्नु ने ही अपने फोन से मोनू को कसोली गांव बुलाया था। वहां सोनू के दो दोस्त, हरिओम और अमन पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही मोनू वहां पहुंचा, दोनों ने उसे दबोच लिया और उसका मुंह-नाक दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया।

शातिर दिमाग भी नहीं पढ़ सका कानून के हाथ

आरोपियों ने सोचा था कि अगर वो मोनू का गला दबाएंगे या हथियार का इस्तेमाल करेंगे, तो पोस्टमार्टम में कत्ल की बात साफ हो जाएगी। इसलिए उन्होंने दम घोंटकर उसे बेहोश किया और जिंदा या अधमरी हालत में नहर में फेंक दिया, ताकि फेफड़ों में पानी भरने से मौत हो और मामला सिर्फ डूबने का लगे। इसके बाद उन्होंने सबूत मिटाने के लिए फोन से सारी कॉल डिटेल्स डिलीट कर दीं।

लेकिन डिजिटल दौर के शातिर कातिल यह भूल गए कि डिलीट का बटन दबाने से गुनाह नहीं मिटते। पुलिस ने तन्नु और उसके साथी हरिओम को दबोच लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। 'परफेक्ट मर्डर' का गुमान पालने वाली पत्नी अब सलाखों के पीछे अपने कर्मों का हिसाब दे रही है।