दोनों ब्रिटिश भारतीय सेना की फ्रंटियर फोर्स राइफल्स में थे...
(पत्रिका ब्यूरो,चंडीगढ): इटली के शहर फ्लोरेंस में मिले कंकाल गहन जांच के बाद हरियाणा के दो जवानों के निकले। दोनों जवान दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान शहीद हुए थे। अब काॅमनवैल्थ कब्रिस्तान आयोग पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ इन्हें फ्लोरेंस स्थित कब्रगाह में दफनायेगा।
हरियाणा में यहां के रहने वाले थे जवान
दोनों कंकालों की पहचान रोहतक जिले के गांव नौगमा निवासी सिपाही हरिसिंह एवं हिसार जिले के नंगथला निवासी सिपाही पालूराम के रूप में हुई है। दोनों ब्रिटिश भारतीय सेना की फ्रंटियर फोर्स राइफल्स में थे। दोनों के कंकाल दफनाए जाने के बाद कब्र की मिट््टी भारत लाई जायेगी और दोनों जवानों के परिजनों को सौंपी जाएगी।
वर्ष 1944 में इटली में पोगियो अल्टो की लडाई के दौरान दोनों भारतीय जवान कोनटागेलियो में मारे गए थे। देश के विभाजन के समय सम्पत्ति के बटवारे में फ्रंटियर फोर्स राइफल्स पाकिस्तान को दे दी गई थी। जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर की 362 इन्फेन्ट्री डिवीजन के खिलाफ मित्र देशों की लडाई में ब्रिटेन भी शामिल हुआ था। इस दौरान 13 सितम्बर 1944 से दोनों जवानों को लापता घोषित किया गया था।
इस सारे मामले की परतें तब खुलीं जबकि 1996 में पोगियो अल्टो में फ्लोरेंस के निकट मानव कंकाल पाए गए। इनकी पहचान के लिए वर्ष 2000 में जांच शुरू की गई। वर्ष 2002 में डीएनए व मानव शरीर संरचना विज्ञान के अनुसार जांच में पता चला कि दोनों गैर योरोपीय मानव है। इनकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई। काॅमनवैल्थ ग्रेव कमीशन ने लडाई के स्थान व लापता हुए लोगों के बारे में ब्यौरा मुहैया कराया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुरालेखागार का रिकाॅर्ड भी खंगाला गया। भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट भी फ्रंटियर फोर्स राइफल्स का रिकाॅर्ड संभाले हुए थी।