घरेलू और प्राकृतिक उपचार

Ear Pain: कान के दर्द में आराम पाने के लिए जरूर अपनायें ये घरेलू उपाय

Ear Pain: कान के दर्द में आराम पाने के लिए आप बेल के पेड़ की जड़ को नीम के तेल में डुबोकर उस जड़ को जला दें और फिर जलाने पर जड़ में से जो तेल रिसे, उसे सीधा ही अपने कान में डाल लें। इससे कान का दर्द ख़त्म होने के साथ-साथ इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं होगा।
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Effective Home Remedies for Earache In Hindi

कान में दर्द होने पर व्यक्ति बहुत विचलित हो जाता है। उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता। साथ ही कान के दर्द के कारण उसके जबड़े और सिर में भी काफी दर्द होने लगता है। ऐसे में बार-बार पेनकिलर लेना भी स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलु और प्राकृतिक उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कान के दर्द से छुटकारा दिलाने में काफी मदद कर सकते हैं। तोह आइये जानते हैं इन उपायों के बारे में...

1. लहसुन का तेल
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त लहसुन का तेल कान के दर्द में राहत दिलाने में काफी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए 2-3 बारीक कटी हुई लहसुन की कलियों को सरसों के तेल के साथ गरम कर लें और फिर ठंडा होने पर इस तेल को छान लें। अब इस तेल की दो-तीन बूंदों को कान में डाल लें। इससे आपको दर्द और सूजन दोनों से काफी आराम मिल सकता है। इसके अलावा, लहसुन में एंटीबायोटिक गुण भी पाए जाते हैं।

2. बेल के पेड़ की जड़
कान के दर्द में आराम पाने के लिए आप बेल के पेड़ की जड़ को नीम के तेल में डुबोकर उस जड़ को जला दें और फिर जलाने पर जड़ में से जो तेल रिसे, उसे सीधा ही अपने कान में डाल लें। इससे कान का दर्द ख़त्म होने के साथ-साथ इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं होगा।

3. नीम
नीम में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जो कान के दर्द में आराम दिला सकते हैं। ऐसे में कान के दर्द से पीड़ित व्यक्ति नीम के तेल की 2-3 बूंदों को कान में डाले। इससे आपको काफी आराम महसूस होगा।

4. तुलसी का रस
जिस व्यक्ति को कान का दर्द सताए, उसके लिए तुलसी के पत्तों का रस भी एक दवा के रूप में काम कर सकता है। इसके लिए आप तुलसी की पत्तियों को पीसकर इसके ताजा रस को अपने कान में डाल लें। इससे 1-2 दिन में ही कान का दर्द छूमंतर हो जायगा।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
20 Feb 2022 06:40 pm
Published on:
20 Feb 2022 06:39 pm