जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में 9 अगस्त को एक्सपायरी डेट के दो इंजेक्शन मिले थे। दो साल पूर्व खराब हो चुके ये इजेक्शन स्वास्थ्य विभाग के नहीं थे, फिर ये कहां से आए और इन्हें कौन लाया, इसकी जांच आज तक चल रही है। इस बीच गुरुवार को एक बार फिर एसएनसीयू में रखे फ्रिज में दवा से भरा इंजेक्शन मिला है। इसे कायाकल्प योजना के तहत भोपाल से निरीक्षण करने के लिए आए डॉ.विवेक मिश्रा ने देखा। इसके बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू प्रभारी डॉ.भास्कर गुप्ता भी बिना गाउन पहने वार्ड में राउंड ले रहे थे। इस लापरवाही से नाराज डॉ.विवेक मिश्रा भड़क गए। उन्होंने एसएनसीयू की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए तत्काल इसमें सुधार करने के निर्देश दिए।
तीन माह से स्टॉक में नहीं फ्रिज में मिला इंजेक्शन
एसएनसीयू की स्टाफ नर्स प्रभारी रेखा कापसे ने सिविल सर्जन डॉ.रविकांत शर्मा को दिए प्रतिवेदन में इसे षड्यंत्र बताया है। रेखा कापसे का कहना है कि जो इंजेक्शन व सीरिंज फ्रिज में मिला, इस कंपनी का इंजेक्शन तीन माह से स्टॉक में है ही नहीं।
यह भी देखा भोपाल से आए डॉक्टर ने
डॉ. विवेक मिश्रा ने आईओपीडी, मेटरनिटी और मेडिकल वार्डों की व्यवस्था में सुधार करने को कहा। ई-टेट में किए जा रहे कार्यों को सराहा। कायाकल्प योजना के तहत अगले सप्ताह फिर से एक टीम जिला अस्पताल का दौरा करने आएगी।
& एसएनसीयू के प्रभारी और स्टाफ नर्स इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है। कलेक्टर को भी मामले की जानकारी दे रहे हैं। कायाकल्प टीम ने एसएनसीयू समेत कुछ वार्डों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इसमें सुधार करेंगे।
डॉ. रविकांत शर्मा, सिविल सर्जन