
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Photo-X @MojtabaKhamen)
Iran-US ceasefire: अमेरिका और इजरायल के बीच सीजफायर की घोषणा हो गई है। इसके बाद ईरान पर अमेरिकी व इजरायली हमले रूक गए हैं, लेकिन इजरायली सेना लगातार लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बम बरसा रही है। हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल के कई शहरों पर रॉकेट दागे। इजरायली हमले पर अब ईरान का बयान भी आया है।
ईरान की इस्लामिक रीजिम ने साफ चेतावनी दी है कि इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। सीनियर ईरानी अधिकारी के हवाले छपी मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इजरायल ने सीजफायर के शर्तों का उल्लंघन किया है। उसके लिए उसे सजा दी जाएगी। अधिकारी ने आरोप लगाया कि इजराइल ने सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन किया है। इससे इलाके में तनाव बढ़ गया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि इजरायल अपने वादों का पालन नहीं करता है। उसे सिर्फ ताकत के बल पर ही रोका जा सकता है।
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि दो-सप्ताह के संघर्ष-विराम पर अमेरिका की जीत हुई है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना ने संभव बनाया। अब आगे इस्लामाबाद में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समझौता वर्ता में अमेरिका का नेतृत्व करेंगे।
लेविट ने बताया कि इस बैठक के लिए राष्ट्रपति ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस्लामाबाद भेजा है, ताकि वे ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका का नेतृत्व कर सकें। कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रणनीतिक सैन्य उद्देश्यों के साथ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किया था, और संयुक्त राज्य अमेरिका ने स्पष्ट रूप से उन उद्देश्यों को हासिल कर लिया है।
पेंटागन ने बताया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया। यह एक बड़ा सैन्य अभियान रहा, जिसमें अमेरिका ने अपने 13 सैनिकों को खो दिया।
अमेरिकी ‘सेक्रेटरी ऑफ वॉर’ पीट हेग्सेथ ने कहा कि लगातार अमेरिकी सैन्य दबाव के चलते तेहरान में नया नेतृत्व अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर हुआ है। हेग्सेथ ने कहा कि इस्लामिक रीजिम का नया नेतृत्व नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। अब वहां जो शासन में हैं, उन्होंने अमेरिकी सेना की पूरी ताकत देख ली है। यही कारण है कि ईरान युद्धविराम के लिए तैयार हुआ और बातचीत की मेज पर आया।
Published on:
09 Apr 2026 06:50 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
