
इंटरव्यू के दौरान स्ट्रेस (Representational Photo)
परीक्षा हॉल में बैठते ही सारे जवाब दिमाग से गायब हो गए? इंटरव्यू में वही सवाल अटक गया, जिसकी तैयारी सबसे ज़्यादा की थी? अब वैज्ञानिकों ने इस रहस्य की परतें खोल दी हैं। जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ हैम्बर्ग के वैज्ञानिक लार्स श्वाबे के नेतृत्व में हुई नई रिसर्च हमारे रोजमर्रा के जीवन और काम करने के तरीके से सीधे तौर पर जुड़ी है। रिसर्च ने बताया कि असल समस्या याददाश्त की कमजोरी नहीं, बल्कि तनाव के समय दिमाग का ‘कनेक्शन सिस्टम’ बंद हो जाना है। यह निष्कर्ष एंग्ज़ायटी डिसऑर्डर जैसी समस्याओं को समझने में भी अहम सुराग दे सकती है।
हमारा दिमाग पुराने अनुभवों को नई परिस्थितियों से जोड़कर सही निर्णय लेता है। यही क्षमता हमें कठिन हालात में भी तार्किक और रचनात्मक सोचने में मदद करती है। हालांकि स्ट्रेस इस पूरी प्रक्रिया पर ताला लगा देता है। नतीजा दिमाग में जानकारी मौजूद होने के बावजूद वह सही समय पर बाहर नहीं आ पाती।
ब्रेन स्कैन में पता चला कि स्ट्रेस के दौरान दिमाग के ‘हिप्पोकैम्पस’ हिस्से की सक्रियता काफी घट जाती है। यही हिस्सा नई यादें बनाने और पुरानी यादों को जोड़ने का काम करता है। यानी जवाब भूलना इस बात का संकेत नहीं कि आपने पढ़ाई नहीं की क्योंकि परीक्षा खत्म होते ही उत्तर याद आने लगते हैं। स्ट्रेस घटते ही दिमाग का बंद रास्ता फिर से खुल जाता है।
बार-बार प्रैक्टिस - बार-बार प्रैक्टिस करना फायदेमंद रहता है। इससे दिमाग उस परिस्थिति का आदी बनता है और ज़रूरत के समय सहजता बनी रहती है।
धीमी और गहरी सांस लें - स्ट्रेस की स्थिति में धीमी और गहरी सांस लेनी चाहिए। ऐसा करने से स्ट्रेस घटता है।
रटें नहीं, बल्कि समझें - किसी भी चीज़ को रटना नहीं चाहिए, बल्कि समझना चाहिए। समझने से जानकारी लंबे समय तक दिमाग में रहती है।
7-8 घंटे नींद लें - अच्छी नींद बेहद जरूरी है। ऐसे में 7-8 घंटे नींद लेनी चाहिए। उचित नींद से दिमाग बेहतर रिकॉल करता है।
खुद को शांत रखें - खुद को शांत रखना बेहद ज़रूरी है। ऐसा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे याददाश्त बनी रहती है।
Published on:
30 May 2026 11:12 pm
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