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‘गाजा में बच्चों को तकलीफ होगी तो’, युद्ध के बीच UN ने इजरायल को दी लास्ट वार्निंग

Israel-Gaza Conflict: सीजफायर के बावजूद इजरायल लगातार गाजा में बम बरसा रहा है। वहां के लोगों की स्थिति नाजुक है। इस पर UN ने चिंता जाहिर की है।
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भारत

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Saurabh Mall

May 30, 2026

Israel-Gaza Conflict

गाजा-इजरायल तनाव के बीच नया मोड़ (इमेज सोर्स: X यूजर imranzeemi)

UN Warning to Israel: गाजा में युद्ध विराम लागू होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इजरायल लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है और अब उसने गाजा के और बड़े हिस्से पर कब्जा करने की योजना का संकेत दे दिया है।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) ने गंभीर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि अगर इजरायल अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र को और बढ़ाता है, तो सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ेगा। UN के मुताबिक, गाजा पहले ही भीषण मानवीय संकट से गुजर रहा है, जहां लाखों लोग भोजन, साफ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में नए सैन्य अभियान से बच्चों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ गई है। गाजा में जारी संघर्ष अब सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि एक बड़े मानवीय संकट का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

आप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण नहीं पा सकेंगे; ईरान ने अमेरिका से कहा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने अमेरिका से कहा कि आप 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर नियंत्रण नहीं पा सकेंगे। गैर-दुश्मन देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने और उनके परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। साथ ही उसने कहा कि अपनी गतिविधियों के पहले महीने का आंकड़ा जल्द सार्वजनिक किया जाएगा।

दूसरी ओर, अमेरिका ने PGSA पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का आरोप है कि ईरान इस संस्था का इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से पैसे वसूलने और उस धन को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक पहुंचाने के लिए कर रहा है। इसी वजह से PGSA को अमेरिका की विशेष प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, ईरान वैश्विक समुद्री व्यापार का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रहा है और अमेरिका ऐसे सभी नेटवर्क को निशाना बनाता रहेगा।

इस बीच PGSA ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने निगरानी और प्रबंधन क्षेत्र की सीमाएं भी तय कर दी हैं। संस्था ने कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को उसके नियमों का पालन करना होगा और आवश्यक अनुमति लेनी होगी। इससे साफ है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और गहरा सकता है।