
सोहागपुर. नगर के सबसे पुराने मिडिल स्कूल में से एक मातापुरा मिडिल स्कूल अपने स्थापना के पांच वर्ष के बाद से अलग-अलग भवनों में लगता रहा है। फिलहाल में शाला का स्थायी भवन तो दो वर्ष पूर्व बन चुका है। लेकिन अभी भी कक्षाएं आईटीआई के पुराने भवन में ही संचालित हो रही हैं। प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है कि 10 लाख रुपए लागत के नए भवन में विद्यार्थियों की कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। बताया जाता है कि करीब दो दशक से अधिक समय तक तो मातापुरा मिडिल स्कूल रघुवंशीपुरा के प्रायमरी स्कूल के भवन में संचालित हुआ और अब इसकी कक्षा छह, सात व आठ के विद्यार्थी रेवाबनखेड़ी रोड के समीप बने उस भवन में बैठते हैं जहां कभी शासकीय आईटीआई संचालित होती थी। शासकीय आईटीआई के निजी व बड़े भवन के कलमेशरा ग्राम के समीप बनने के बाद से पुराने भवन में मातापुरा मिडिल स्कूल का संचालन होता है।
पैसा आया और लौट गया
एक समय मातापुरा स्कूल के प्रायमरी स्कूल भवन के समीप ही मिडिल स्कूल भवन के निर्माण के लिए करीब नौ लाख रुपए की राशि जारी हुई। भवन न बनने के कारण कई वर्षों तक यह राशि नगर परिषद के पास रही और अंतत: राशि को ब्याज सहित लौटा दिया गया। लेकिन भवन नहीं बनाया जा सका है। सूत्रों के अनुसार करीब नौ लाख रुपए की यह राशि ब्याज सहित 11 लाख रुपए से अधिक राशि के रूप में लौटाई गई थी। इसके बाद विधायक विजयपाल सिंह ने विधायक निधि से करीब 10 लाख रुपए की राशि दी तथा भवन निर्माण प्रारंभ हुआ, भवन बन भी गया, बस कक्षाओं का संचालन शेष है।
दो साल से तैयार है भवन
उल्लेखनीय है कि मातापुरा मिडिल स्कूल का निजी भवन मातापुरा प्रायमरी स्कूल के समीप ही दो वर्ष पूर्व ही बन चुका है। इसका प्रमाण यह है कि इसी भवन में विस चुनाव 2018 केे तथा लोस चुनाव 2019 के मतदान केंद्र बनाए थे। तभी भवन केे समीप शौचालय भी निर्मित हो चुके थे। लेकिन स्कूल को भवन अब तक नहीं मिल सका है। मामले में भवन निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग से गुरुवार को जब चर्चा की गई तो ज्ञात हुआ कि भवन के बनने के बाद के सभी बिलों तक का भुगतान हो चुका है। लेकिन आगे क्या प्रक्रिया है इसे लेकर कोई भी जवाब नहीं दे रहा है।
कर चुके हैंडओवर
हम चुनाव के दौरान ही शिक्षा विभाग को भवन हैंडओवर कर चुके हैं। अब शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है कि कक्षाओं का संचालन करे। भवन हमारी ओर से पूर्ण करके ही दिया गया था।
पी शर्मा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, पिपरिया-सोहागपुर