मिडघाट के पास बाघ की दहाड़ के बाद यहां जाने से डर रहे कर्मचारी, सुरक्षा के लिए वन अमले की कर रहे मांग, वन अफसर की सलाह
होशंगाबाद. देश के सबसे बड़े विभागों में से एक रेलवे इन दिनों दहशत में है। यही कारण है कि उसने वन विभाग से सुरक्षा मांगी है। दरअसल बुदनी के मिडघाट सेक्सन में इन दिनों बाघ की दहाड़ सुनाई दे रही है। उसके साथ ही तेंदुआ और भालू सहित अन्य वन्य प्राणियों का मूवमेंट हैं, जो रेलवे के लिए नई मुसीबत बन गया है। रेलवे कर्मचारी मिडघाट में ड्यूटी और गश्त करने से घबरा रहे हैं। एक बच्ची का शिकार करने वाले बाघ की मूवमेंट भी इसी क्षेत्र में होने की खबर ने रेलवे कर्मचारियों में दहशत भर दी है। अब वे वहां ड्यूटी करने को राजी नहीं हो रहे। इस कारण रेलवे ने वन विभाग को पत्र लिखकर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए वन अमले की मांग की है। फिलहाल तो अमला मिला नहीं, लेकिन वन अफसर ने रेलवे को इस क्षेत्र में समूह में गश्त कराने की सलाह दी है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे के पीडब्ल्यूआई डिपार्टमेंट ने वन विभाग को एक पत्र लिखा है। जिसमें रेलवे ट्रेक की सुरक्षा और गश्त भी प्रभावित हो रही है। खासकर रात में कर्मचारी गश्त करने जाने से डर रहे हैं। उन्हें भय है कि मिडघाट सेक्सन में पिछले कई दिनों से लगातार नजर आ रहे बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्य प्राणी उन पर हमला ना कर दें। इन वन्य प्राणियों का मूवमेंट लगातार इस इलाके में बढ़ रही है। अक्सर दिन में रेलवे ट्रेक पर काम करने वाले कर्मचारियों को वन्य प्राणी दिखाई दे रहे हैं। कई बार बाघ की दहाड़ सुनाई देती है, जिससे कर्मचारी डर जाते हैं। इसलिए कोई भी आसानी से गश्त के लिए राजी नहीं हो रहा। परेशान रेलवे के अधिकारियों ने वन विभाग को पत्र लिखकर रात्रि गश्त के लिए वन अमला उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि कर्मचारियों का डर दूर हो सके। इसके अलावा उस क्षेत्र में वन अमले की गश्त बढ़ाने की गुजारिश की है। बुदनी एसडीओ मनोज भदौरिया ने बताया कि रेलवे डिपार्टमेंट से उन्हें इस संबंध में पत्र मिल चुका है। इसके लिए पहले ही उन क्षेत्रों में अस्थाई चौकियां हैं।
इसलिए फैली दहशत
दरअसल मिडघाट क्षेत्र के आसपास जंगली जानवरों का मूवमेंट तो काफी पहले से ही था। लेकिन पिछले दिनों एक 12 साल की बच्ची पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से रेलवे कर्मचारी दहशत में आ गए हैं। बुदनी के ग्राम खानावड़ में यह घटना हुई थी और अब उस बाघ का मूवमेंट मीडघाट क्षेत्र में ही बताया जा रहा है।
&वन क्षेत्र में वन प्राणियों की संख्या बढऩा अच्छी बात है, विभाग ने मिडघाट के आसपास अस्थाई चौकी बनाई है। हम पीडब्लूआई कर्मचारियों को सिर्फ समूह के साथ सावधानी से जाने की सलाह दे सकते हैं। अभी तक रहवासी क्षेत्र में जंगली जानवरों के मूवमेंट की सूचना नहीं है। पीडब्ल्यूआई ने यह पत्र बुदनी एसडीओ को भेजा था।
मनोज अर्गल, सीसीएफ भोपाल