Fight against Corona सैनिटाइजेशन का देसी जुगाड़ बनखेड़ी में कई जगह किया जाएगा लागू
जब आप व्यवस्था को कोसने की बजाय व्यवस्था को सुधारने व संभालने की जिम्मेदारी उठाते हैं तो बड़ी से बड़ी समस्या छोटी लगने लगी है। इसी जज्बे के साथ विश्वव्यापी महामारी कोरोना की जंग में होशंगाबाद (Hoshangabad) के बनखेड़ी (Bankhedi) का एक जुगाड़ (Countryside technique or Jugaad) इन दिनों सराहना पा रहा है।
दरअसल, कोरोना महामारी से निपटने के लिए फिलहाल सैनिटाइजेशन (sanitization) व अधिक से अधिक सुरक्षात्मक उपाय ही सबसे सफल तरीका है। लेकिन शारीरिक दूरी बनाने के अलावा तमाम ऐसे जनोपयोगी कार्य हैं जहां यह शत प्रतिशत पालन कराना संभव नहीं है। ऐसे में सैनिटाईजेशन की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है। लेकिन किसी भी सार्वजनिक जगह जहां आने वालों की संख्या अधिक हो वहां हर व्यक्ति को सैनिटाईज करने के जरूरी संसाधन की बेहद आवश्यकता होती है। लेकिन शासन प्रशासन ऐसी सुविधा हर जगह कराने में सक्षम नहीं है।
पर कहते हैं न कि जुनून और जज्बे से किसी भी मुसीबत को मात दिया जा सकता है, बनखेड़ी में भी जुनून व जज्बे से बनाए गए एक जुगाड़ (Desi Jugaad) ने सैनिटाईजेशन (sanitization) की दुविधा को खत्म कर दिया है। इस जुगाड़ की हर ओर तारीफ हो रही है।
इस जुगाड़ से सैनिटाईजेशन हुआ आसान
होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक सैनिटाइजर कक्ष (Sanitization room)बनाया गया है। सैनिटाइज करने के लिए यहां जो मशीन लगाया गया है वह शादी समारोह में लोगों पर इत्र छिड़कने के लिए प्रयोग किए जाने वाला सेंट मशीन (Scent spray machine) है। किया यह जा रहा है कि सेंट मशीन में सैनिटाइजर व पानी का मिक्सर डाल दिया गया है। चारों तरफ पर्दा लगाकर एक छोटा सा केबिन बनाया गया है। लोग चैंबर में एक एक कर जा रहे हैं और उनको सैनिटाइज कर दिया जा रहा है। जुगाड़ से अस्पताल में आ रहे लोगों को सैनिटाइज करने की युक्ति निकालने वाली टीम में शामिल जितेंद्र भार्गव, पंकज प्रजापति, कमलेश नामदेव, घासीराम कुशवाहा, शेख अनवर खान, शब्बीर खान आदि बताते हैं कि एक दिन में बनखेड़ी अस्पताल में करीब दो से ढाई सौ लोगों को सैनिटाइज आसानी से किया जा रहा है। इन लोगों ने बताया कि वे लोग नगर के मुख्य चैराहा पर भी ऐसा ही सैनिटाइजर केबिन बनाएंगे जिससे नगर पूरी तरह सुरक्षित हो सकेगा।