प्रदेशभर में अलग पहचान बना चुके आयोजन में हर साल होते हैं सामुहिक विवाह
इटारसी। पूरे मप्र में अपनी पहचान बना चुका शहर का श्री राम विवाह महोत्सव गुरूवार एक बार फिर से खास रहेगा। दरअसल इस दिन यह आयोजन अपना तैंतीस साल का सफर पूरा करेगा। साथ ही इस अनूठे आयोजन में इस दिन करीब दो दर्जन जोड़े एक-दूसरे का हाथ थामकर पूरी जिंदगी साथ निभाने का वचन लेंगे।
32 साल पहले हुई थी शुरूआत
देवल मंदिर में श्री राम विवाह महोत्सव की शुरूआत 32 साल पहले हुई थी। वर्ष 1980 में पहला श्री राम विवाह महोत्सव आयोजित किया गया था। उस दौरान 2 जोड़ों का विवाह कराया गया था। उसके बाद यह सिलसिला जनसहयोग से निरंतर बढ़ता गया। जो समिति यह आयोजन कराती है उसमें ना तो कोई अध्यक्ष है और ना कार्यकर्ता। श्रीराम विवाह महोत्सव एवं सामूहिक विवाह महोत्सव के तहत बीते 32 सालों में 1664 विवाह कराए जा चुके हैं। इस वर्ष अभी तक 19 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। वर्ष 1985 और 1986 में सिर्फ रामविवाह हुआ था। इसके अगले वर्ष २ और फिर ७ विवाह कराए गए। बाद में वर-वधुओं की संख्या बढ़ती चली गई। २००१ में सबसे ज्यादा १२८ जोड़ों का विवाह कराया था।
बड़े मंदिर से निकलेगी बारात
देवल मंदिर काली समिति के जयप्रकाश पटेल ने बताया कि श्रीराम विवाह महोत्सव के तहत श्रीराम बारात 23 नवंबर शाम ६ बजे द्वारकाधीश बड़े मंदिर से निकलेगी। भगवान श्रीराम के साथ दूल्हे राजाओं की बारात शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जनकपुरी देवल मंदिर पुरानी इटारसी में सपन्न होगी। गुरूवार सुबह ९ बजे कन्याभोज, शाम ७ बजे आध्यात्मिक प्रवचन, रात ९ बजे देवी जागरण, रात 10 बजे राम बारात का स्वागत, रात 11 बजे जयमाला और रात 12 बजे पाणिग्रहण संस्कार होगा।
बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं शामिल होने
राम विवाह के इस आयोजन में शामिल होने के लिए कई जिलों के लोग आते हैं। वहीं सामुहिक विवाह समारोह के लिए भी कई जोड़े विभिन्न जिलों से शामिल होने के लिए आते हैं।