हुबली

मौन में भी मुस्कान, सेवा से जुड़ा उत्सव, राजस्थानी महिला मंडल ने सेवा और करुणा से मनाया पूर्णिमा पर्व

नववर्ष और पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थानी महिला मंडल की सदस्यों ने समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। हुब्बल्ली के गुरुनाथ नगर स्थित प्रियदर्शनी मूक-बधिर विद्यालय में पहुंचकर महिला मंडल की सदस्यों ने विद्यालय के बच्चों के साथ नववर्ष एवं पूर्णिमा का उत्सव मनाया और उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराया। यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपनत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत संदेश बन गया।
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सेवा और संवेदना की मिसाल: राजस्थानी महिला मंडल हुब्बल्ली की सदस्यों ने प्रियदर्शनी मूक-बधिर विद्यालय में पूर्णिमा का महोत्सव बच्चों के संग मनाया।
सेवा और संवेदना की मिसाल: राजस्थानी महिला मंडल हुब्बल्ली की सदस्यों ने प्रियदर्शनी मूक-बधिर विद्यालय में पूर्णिमा का महोत्सव बच्चों के संग मनाया।

बच्चों से संवाद
विद्यालय परिसर में जब महिला मंडल की सदस्य बच्चों के बीच पहुंचीं, तो वातावरण उल्लास और भावनाओं से भर उठा। जो बच्चे न सुन सकते हैं और न बोल सकते हैं, उनकी आंखों में खुशी और मुस्कान साफ झलक रही थी। महिलाओं ने इशारों और भावों के माध्यम से बच्चों से संवाद किया और उनके साथ समय बिताया। यह पल सभी के लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहा।

बढ़ा आत्मविश्वास और उत्साह
महिला मंडल की सदस्यों ने बताया कि समाज के ऐसे विशेष बच्चों के साथ समय बिताना उनके लिए आत्मिक संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को हमारी सहानुभूति से ज्यादा हमारे समय और अपनापन चाहिए। यदि समाज का हर व्यक्ति थोड़ा सा समय निकालकर ऐसे बच्चों के साथ बिताए, तो उनका आत्मविश्वास और उत्साह कई गुना बढ़ सकता है।

द्वादशी के दिन सेवा गतिविधियां
महिला मंडल की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि वे हर माह द्वादशी के दिन सेवा गतिविधियों का आयोजन करती हैं। इस क्रम में वे शहर के विभिन्न अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, दिव्यांग विद्यालयों और सेवा संस्थाओं में जाकर जरूरतमंदों के साथ समय बिताती हैं और उन्हें भोजन कराती हैं। यह सेवा कार्य वर्षों से निरंतर जारी है।

खुशी और आशा का संचार
इस अवसर पर मूक-बधिर बच्चों की खुशी देखने लायक थी। भोजन के दौरान बच्चों की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान महिला मंडल की सदस्यों के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार रही। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सच्चा उत्सव वही है, जो दूसरों के जीवन में खुशी और आशा का संचार करे।

Updated on:
03 Jan 2026 04:45 pm
Published on:
03 Jan 2026 04:45 pm
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