राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली संस्करण के 21 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं को मिला उत्साह, सपनों को उड़ान देने का संदेश
साधना और संकल्प का अद्भुत संगम
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर शक्ति, साधना और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब राजस्थान पत्रिका के हुब्बल्ली संस्करण के 21वें स्थापना दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन केशवापुर स्थित सेवा भारती ट्रस्ट उत्तर कर्नाटक की ओर से संचालित संस्थान में किया गया। इस अवसर पर न केवल नवरात्रि का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया, बल्कि यहां निवास कर रही 30 बालिकाओं के भीतर छिपी प्रतिभा और आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा मिली। कार्यक्रम के दौरान उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास की चमक साफ दिखाई दे रही थी, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान
करीब 27 वर्षों से संचालित इस संस्थान में पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रही रतना माता ने बताया कि यहां की सभी बालिकाएं पढ़ाई में अव्वल होने के साथ-साथ विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। अनुशासन, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
बेटियों को आगे बढऩे के लिए अवसर देना समाज की जिम्मेदारी
नवरात्रि के इस शुभ अवसर पर भारतीय जैन संगठना के हुब्बल्ली चैप्टर के अध्यक्ष विक्रम जैन मांडौत परिवार की ओर से बालिकाओं को मिष्ठान और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। इस दौरान जैन ने कहा कि बेटियों को आगे बढऩे के लिए अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है और वे हर जरूरत में सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
दिखाई हाजिरजवाबी, दिए मौखिक सवालों के जवाब
इस मौके पर डिंपल जैन मांडौत ने कहा कि समाज में बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि वे सदैव सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं और इस कार्यक्रम से जुड़कर उन्हें विशेष संतोष मिला, साथ ही भविष्य में भी ऐसी पहल में सहयोग जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने अपनी हाजिरजवाबी और प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न मौखिक सवालों के जवाब दिए, जिससे उनकी आत्मविश्वासपूर्ण सोच साफ झलकी। इस मौके पर विद्या जैन और सुहानी जैन भी उपस्थित रहीं। इन दिनों बालिकाओं की परीक्षाएं भी चल रही हैं, ऐसे में उन्हें अच्छे परिणामों के लिए मांडौत परिवार की ओर से शुभकामनाएं दी गईं।
बेटियों को सशक्त बनाना समय की जरूरत
राजस्थान पत्रिका के हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोकसिंह राजपुरोहित ने पत्रिका के सामाजिक सरोकारों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में शिक्षा और संस्कार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और बेटियों को सशक्त बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।