आम बजट से पहले देशभर के व्यापारियों की निगाहें सरकार की आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई हैं। बदलते आर्थिक परिदृश्य, डिजिटल युग में व्यापार के नए स्वरूप, बढ़ती महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर व्यापारी वर्ग सरकार से ठोस कदमों की अपेक्षा कर रहा है। व्यापारियों का मानना है कि बजट […]
आम बजट से पहले देशभर के व्यापारियों की निगाहें सरकार की आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई हैं। बदलते आर्थिक परिदृश्य, डिजिटल युग में व्यापार के नए स्वरूप, बढ़ती महंगाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर व्यापारी वर्ग सरकार से ठोस कदमों की अपेक्षा कर रहा है। व्यापारियों का मानना है कि बजट केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर व्यापार, निवेश और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने वाला होना चाहिए। खासतौर पर व्यापारिक कानूनों में सुधार, बैंकिंग व्यवस्था को सरल बनाने, रुपये को मजबूत करने और आवागमन सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
डिजिटल युग में व्यापार को नई नीति की जरूरत
हुब्बल्ली के बिजनेसमैन तेजराज विनायकिया धुंधाड़ा कहते हैं, वर्तमान समय में व्यापार पहले जैसा नहीं रहा है। डिजिटल युग ने जहां व्यापार को आसान बनाया है, वहीं कुछ उत्पादों के उत्पादन और मार्केटिंग के तरीके पूरी तरह बदल गए हैं। ऐसे में सरकार को केवल पुराने ढर्रे पर नीतियां बनाने के बजाय नए तरीकों से बाजार और उपभोक्ता की सोच को समझना चाहिए। सोने, चांदी और अन्य मेटल की मांग पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है, केवल इनके दाम बढ़ाना समाधान नहीं है। इसके साथ ही रुपए को मजबूत करने, व्यापारिक कानूनों में सुधार और बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सरल व व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता है।
हवाई व रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग
हुब्बल्ली के बिजनेसमैन वेनाराम सीरवी बगड़ी नगर कहते हैं, व्यापार और उद्योग के विकास के लिए आवागमन की सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाना बेहद जरूरी है। प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवाएं शुरू की जाएं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिले। साथ ही रेल सेवाओं के फेरे बढ़ाए जाने चाहिए, ताकि माल और लोगों की आवाजाही आसान हो सके। बढ़ती महंगाई ने आम जनता और व्यापार दोनों को प्रभावित किया है, इसलिए बजट में महंगाई नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे बाजार में मांग और विश्वास दोनों बढ़ सकें।