हुबली

एक भारत श्रेष्ठ भारत की मिसाल: राजस्थान के युवाओं ने जाना कर्नाटक का रंग, संस्कृति और तकनीक का अनूठा संगम

एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत आयोजित युवा संगम कार्यक्रम का छठा चरण राजस्थान और कर्नाटक के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक सेतु बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान के 43 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कर्नाटक के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक दौरे पर पहुंचा। विद्यार्थियों के साथ शिक्षक और गाइड भी शामिल रहे। इस विशेष कार्यक्रम की मेजबानी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइआइटी) धारवाड़ ने की। इस सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कर्नाटक की संस्कृति, परंपरा, तकनीक, विकास और सामाजिक जीवन को करीब से जाना। प्रतिनिधिमंडल को मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी), जयपुर की ओर से कर्नाटक भेजा गया था।

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कर्नाटक दौरे के दौरान बेंगलूरु में राज्यपाल थावरचन्द गेहलोत से मुलाकात के बाद राजस्थान के छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।
कर्नाटक दौरे के दौरान बेंगलूरु में राज्यपाल थावरचन्द गेहलोत से मुलाकात के बाद राजस्थान के छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।

देश की विविधता को करीब से देखने और समझने का अवसर
सहायक रजिस्ट्रार डॉ. राजेश ने बताया कि कार्यक्रम में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थियों को शामिल किया गया। चयन प्रक्रिया में ग्रामीण पृष्ठभूमि और कम आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों को प्राथमिकता दी गई, ताकि ऐसे युवाओं को देश की विविधता को करीब से देखने और समझने का अवसर मिल सके। दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यटन, परंपरा, प्रगति, प्रौद्योगिकी और परस्पर संपर्क जैसे प्रमुख विषयों पर आधारित गतिविधियों में भाग लिया।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम
कार्यक्रम में 30 वर्ष तक के युवाओं को शामिल किया गया। इनमें अधिकांश छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से थे और कई विद्यार्थी ऐसे थे, जो पहली बार अपने राज्य से बाहर निकले थे। यह सात दिन का कार्यक्रम केवल भ्रमण नहीं बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बना। छात्रों को अपने अनुभव माय युवा संगम स्टोरीज के तहत लेख और प्रस्तुति के रूप में साझा करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

राज्य की संस्कृति और साहित्य से परिचित
आइआइआइटी धारवाड़ के सहायक प्रोफेसर डॉ. स्वागतिका साहू ने बताया कि इस दौरान छात्रों ने हुब्बल्ली और आसपास के क्षेत्रों के बाजारों, मठों और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने चंद्रमौलेश्वर प्राचीन मंदिर, बादामी और पट्टदकल जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा किया। बेंगलूरु में विद्यार्थियों को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचन्द गेहलोत से मिलने का अवसर भी मिला, जहां राज्यपाल ने युवाओं से संवाद कर उन्हें राज्य की संस्कृति और साहित्य से परिचित कराया।

अब जून में आइआइआइटी धारवाड़ के छात्र जाएंगे राजस्थान
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्टेज शो भी आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के तहत अब जून माह में आइआइआइटी धारवाड़ के 50 छात्र राजस्थान का दौरा करेंगे, जहां उनकी मेजबानी एमएनआइटी जयपुर करेगा।

Updated on:
17 May 2026 09:00 pm
Published on:
16 May 2026 06:53 pm