12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नम: शिवाय के जयघोष से गुंजायमान हुआ गुजरात भवन, सती-शिव विवाह और संस्कारों की महिमा का हुआ वर्णन

देशपांडेनगर स्थित श्री गुजरात भवन में श्री गुजरात समाज के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। डोंगरेजी महाराज के शिष्य एवं प्रख्यात कथावाचक दीपकभाई शास्त्री ने सती प्राकट्य, शिव-पार्वती कल्याण तथा भगवान शिव के दिव्य स्वरूप से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और समर्पण का संदेश दिया। कथा स्थल पूरे समय नम: शिवाय, हर-हर भोले, नम: शिवाय के जयघोष से गुंजायमान रहा।

2 min read
Google source verification
हुब्बल्ली के देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन में आयोजित शिव महापुराण कथा महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करते श्रद्धालु।

हुब्बल्ली के देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन में आयोजित शिव महापुराण कथा महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण करते श्रद्धालु।

भगवान शिव के मंगलमय विवाह का प्रसंग
कथावाचक दीपकभाई शास्त्री ने कहा कि जीवन में दृढ़ संकल्प और सच्ची भक्ति से ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। माता सती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठिन तप और अटूट श्रद्धा का मार्ग अपनाया, जो प्रत्येक भक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सती और भगवान शिव के मंगलमय विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दांपत्य जीवन की नींव विश्वास, त्याग और समर्पण पर टिकी होती है।

विनम्रता और भक्ति जीवन को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है
कथा के एक प्रसंग में उन्होंने कहा कि बेटी परिवार के संस्कारों की पहचान होती है। विवाह के बाद उसे प्रेम, विनम्रता और शरणागत भाव से नए परिवार को अपनाना चाहिए। उन्होंने भगवान शिव के एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि अहंकार व्यक्ति के पतन का कारण बनता है, जबकि विनम्रता और भक्ति जीवन को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। दीपकभाई शास्त्री ने कहा कि मनुष्य अपनी संपत्ति का स्वामी नहीं, बल्कि उसका ट्रस्टी है। ईश्वर द्वारा दी गई संपदा का उपयोग समाज और लोककल्याण के लिए होना चाहिए। कथा के दौरान भगवान शिव और माता सती के कैलाश गमन, राम कथा तथा अन्य आध्यात्मिक प्रसंगों का भी वर्णन किया गया। श्रद्धालु पूरे समय भक्ति रस में डूबे रहे और बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

आगामी दिनों में होंगे ये दिव्य प्रसंग
आयोजन समिति के कार्यदर्शी सुनील लधड़ ने बताया कि 16 जून तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का आयोजन किया गया है। आगामी 13 जून को शिव तांडव एवं गणपति प्राकट्य, 14 जून को ज्योतिर्लिंग प्राकट्य का वर्णन किया जाएगा। वहीं 16 जून को सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक शिव सहस्रनामावली पाठ, दोपहर 12 बजे यज्ञ तथा दोपहर 1 बजे महाप्रसाद के साथ महोत्सव का भव्य समापन होगा।

आयोजन समिति व्यवस्थाओं में जुटी
श्री गुजरात समाज के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में प्रमुख शैलेश पटेल, कार्यदर्शी सुनील लधड़ तथा महोत्सव चेयरमैन गिरीश उपाध्याय सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रतिदिन सायं 3:30 बजे से सायं 7 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।