
स्वर्वेद संदेश यात्रा का निमंत्रण देते श्री बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के पदाधिकारी।
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी यात्रा
श्री बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के अध्यक्ष उदाराम प्रजापत थलवाड़ एवं महासचिव मालाराम देवासी बिठूजा ने बताया कि यात्रा संत विज्ञानदेव महाराज के सान्निध्य में संचालित की जा रही है। प्रथम चरण में यह यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर सत्संग, वैदिक महायज्ञ, जनजागरण सभाएं एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कर्नाटक प्रवास के अंतर्गत 24 जुलाई, शुक्रवार को शाम 6 बजे धारवाड़ में स्वर्वेद संदेश यात्रा का स्वागत होगा। धारवाड़ में श्री चन्नबसव तायव्वनावर कल्याण मंडप, तायव्वनावर लेआउट, हेब्बल्ली रोड, अय्यप्पा स्वामी मंदिर के निकट स्वर्वेद संदेश यात्रा का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु आध्यात्मिक संदेशों, भजनों और वैदिक संस्कृति के माध्यम से जन-जन को आत्मिक उन्नति एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश देंगे। हुब्बल्ली से भी प्रवासी बड़ी संख्या में धारवाड़ में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने जाएंगे। यात्रा को लेकर हुब्बल्ली में विभिन्न प्रवासी समाज के संगठनों एवं समाजों को निमंत्रण दिया जा रहा है।
दिसंबर में वाराणसी में होगा 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ
श्री बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ हुब्बल्ली के पदाधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान दिसंबर में वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम में आयोजित होने वाले 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का निमंत्रण भी दिया जा रहा है। जनसंपर्क अभियान के तहत शहर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं व्यापारिक संस्थाओं से संपर्क कर अधिक से अधिक लोगों से यात्रा एवं महायज्ञ में भाग लेने की अपील की जा रही है। प्रथम चरण के कार्यक्रम के तहत 18 जुलाई को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से शोभायात्रा के साथ रवाना होगी। वहीं 19 जुलाई को कन्याकुमारी में 51 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ, 20 से 22 जुलाई तक तमिलनाडु एवं केरल के विभिन्न शहरों में सत्संग एवं वैदिक महायज्ञ, 23 से 25 जुलाई तक कर्नाटक के मैसूरु, बेंगलूरु, धारवाड़, होसपेट, दावणगेरे सहित विभिन्न शहरों में कार्यक्रम होंगे। वहीं 26 जुलाई को विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) में प्रथम चरण का समापन होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्वर्वेद संदेश यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आध्यात्मिक जागरण के इस अभियान को सफल बनाने तथा दिसंबर में वाराणसी में आयोजित होने वाले भव्य 25,000 कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
Updated on:
21 Jul 2026 02:46 pm
Published on:
21 Jul 2026 02:46 pm
