हुबली

हुब्बल्ली में हिंदू सम्मेलन का आयोजन: वर्तमान समय में समाज को संगठित रखने के लिए हिंदू एकता आवश्यक

हुब्बल्ली शहर के भवानी नगर स्थित राघवेन्द्र स्वामी मठ में रविवार को हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में धर्म, संस्कृति और समाज को जोडऩे का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और राजस्थानी प्रवासी समुदाय के लोगों की उपस्थिति ने सम्मेलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
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Updated: 11 Jan 2026, 6:56 PM IST
हिंदू सम्मेलन में मौजूद श्रद्धालु व समाजजन।
हिंदू सम्मेलन में मौजूद श्रद्धालु व समाजजन।

शोभायात्रा के साथ सम्मेलन का शुभारंभ
सम्मेलन की शुरुआत देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन से निकाली गई शोभायात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक ध्वज, भजन-कीर्तन और जयघोषों के साथ निकली यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भवानी नगर स्थित राघवेन्द्र स्वामी मठ पहुंची, जहां इसका विधिवत समापन हुआ। शोभायात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

हिंदू संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों पर प्रकाश
सम्मेलन में विभिन्न मठों से पधारे संतों और स्वामियों ने अपने धार्मिक प्रवचनों के माध्यम से हिंदू संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रखने के लिए हिंदू एकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।

हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित
स्वामियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है और धर्म के साथ-साथ सेवा, सदाचार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को जीवन में अपनाना चाहिए। युवाओं से भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात करने की अपील भी की गई।

राजस्थानी प्रवासी समाज की सक्रिय सहभागिता
सम्मेलन में राजस्थानी प्रवासी समाज के लोगों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। प्रवासी समाज के सदस्यों ने आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे हिंदू समाज को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। वक्ताओं ने प्रवासी समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हुए भी वे अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें बालिकाओं द्वारा की गई भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

Updated on:
11 Jan 2026, 6:56 PM IST
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