आम बजट को लेकर उत्तर कर्नाटक क्षेत्र में किसानों, व्यापारियों, युवाओं और उद्योग जगत की निगाहें टिकी हुई हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से कृषि, सिंचाई, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विशेष पैकेज की मांग करता रहा है। ऐसे में आम बजट से यहां के लोगों को कई ठोस घोषणाओं की उम्मीद है। उत्तर कर्नाटक […]
आम बजट को लेकर उत्तर कर्नाटक क्षेत्र में किसानों, व्यापारियों, युवाओं और उद्योग जगत की निगाहें टिकी हुई हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से कृषि, सिंचाई, उद्योग और बुनियादी ढांचे के विशेष पैकेज की मांग करता रहा है। ऐसे में आम बजट से यहां के लोगों को कई ठोस घोषणाओं की उम्मीद है। उत्तर कर्नाटक मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। यहां के किसान सिंचाई परियोजनाओं के लिए अधिक बजट आवंटन, सूखा प्रभावित तालुकों के लिए विशेष सहायता, फसल बीमा को सरल बनाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही गन्ना, दलहन, तिलहन और कपास जैसी फसलों के लिए भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और कृषि-प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने की मांग भी है।
नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की अपेक्षा
उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी बजट से राहत की आस है। उत्तर कर्नाटक में एमएसएमई, लघु उद्योग, हथकरघा और कृषि आधारित उद्योगों के लिए सस्ती ऋण सुविधा, टैक्स में छूट और नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की अपेक्षा जताई जा रही है। व्यापारियों का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्टार्टअप को मिले प्रोत्साहन
युवाओं की नजर बजट में रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्टार्टअप को प्रोत्साहन और तकनीकी शिक्षा पर है। वहीं आमजन स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, रेल और ग्रामीण संपर्क जैसे बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की उम्मीद कर रहा है।
एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के अधिक फंड की उम्मीद
कुल मिलाकर उत्तर कर्नाटक को इस आम बजट से क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने, कृषि और उद्योग को मजबूती देने तथा समग्र विकास को गति देने वाली घोषणाओं की उम्मीद है। हुब्बल्ली एयरपोर्ट को और विकसित करके अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी देने के लिए केंद्र से बड़ा फंड आवंटन की मांग है। यह क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई गति दे सकता है।