50 से अधिक सीए तैयार कर, हजारों को दिया दिशा ज्ञान और सेवा से बनाई अलग पहचान
हुब्बल्ली में सुमेरमल ओस्तवाल की मेहनत, मार्गदर्शन और नेतृत्व की मिसाल
राजस्थान की मिट्टी में जन्मे लोग जहां भी जाते हैं, अपनी मेहनत और मूल्यों से अलग पहचान बनाते हैं। परदेश में परचम कॉलम के तहत आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ही व्यक्तित्व सुमेरमल ओस्तवाल की, जिन्होंने कर्नाटक की धरती पर न सिर्फ खुद को स्थापित किया, बल्कि सैकड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन गए। सुमेरमल ओस्तवाल की कहानी केवल एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट की नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक की है, जिसने ज्ञान को बांटकर कई जिंदगियां संवारीं। मूल रूप से राजस्थान के बालोतरा जिले के सिवाना निवासी और वर्तमान में हुब्बल्ली में बसे 68 वर्षीय सुमेरमल ओस्तवाल का जीवन संघर्ष, अनुशासन और सेवा का जीवंत उदाहरण है। 1985 में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के बाद उन्होंने डी. सुमेरमल ओस्तवाल एंड कंपनी की स्थापना की और तब से लेकर आज तक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ज्ञान बांटने में विश्वास, 50 से ज्यादा सीए किए तैयार
सुमेरमल ओस्तवाल का मानना है कि सच्ची सफलता केवल खुद आगे बढऩे में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है। यही कारण है कि उन्होंने अब तक 50 से अधिक विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देकर सीए बनाया है, जो आज देश की बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं या अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं। वे पिछले दो दशकों से सीए विद्यार्थियों के लिए गेस्ट फैकल्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब तक 500 से अधिक नि:शुल्क लेक्चर दे चुके हैं। यूनियन बजट, टैक्सेशन और प्रोफेशनल एथिक्स जैसे विषयों पर उनके व्याख्यान दक्षिण भारत में काफी सराहे जाते हैं।
क्लाइंट्स को शिक्षित करना ही सफलता का मंत्र
उनकी कार्यशैली की सबसे खास बात यह है कि वे अपने क्लाइंट्स को केवल सेवा नहीं देते, बल्कि उन्हें जागरूक भी बनाते हैं। वर्ष 1998 से वे हर साल क्लाइंट्स के साथ मीटिंग आयोजित करते हैं, जिसमें नए नियमों, टैक्स बदलावों और जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि अगर क्लाइंट शिक्षित होगा, तो समस्याएं स्वत: कम होंगी। यही सोच उन्हें अन्य पेशेवरों से अलग बनाती है।
हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
हुब्बल्ली में जन्मे सुमेरमल ओस्तवाल ने जे.जी. कॉलेज ऑफ कॉमर्स से शिक्षा प्राप्त की और पिछले 42 वर्षों से इनकम टैक्स, कंपनी लॉ, जीएसटी और ऑडिटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे आइसीएआई की हुब्बल्ली शाखा के 1995-96 में चेयरमैन रहे, जहां उनके कार्यकाल में शाखा को देश की सर्वश्रेष्ठ शाखा का सम्मान मिला। साथ ही, साउथ इंडिया सीए में सचिव और रीजनल काउंसिल सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में छह बार टैक्सेशन कमेटी के चेयरमैन रहने के अलावा वे शांति निकेतन अंग्रेजी माध्यम स्कूल के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं।
खेल के क्षेत्र में सक्रियता
खेल के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता उल्लेखनीय है। हुब्बल्ली स्पोट्र्स क्लब के आजीवन सदस्य और 30 वर्षों तक कोषाध्यक्ष रहने के बाद वे वर्तमान में वाइस चेयरमैन हैं। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में भी वे वित्त एवं प्रशासनिक समिति के सदस्य रह चुके हैं। रोटरी क्लब के माध्यम से भी उन्होंने समाजसेवा में अहम योगदान दिया है, जहां उनके नेतृत्व में क्लब को 20 जिला अवार्ड प्राप्त हुए।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली नई जिम्मेदारी
हाल ही में सुमेरमल ओस्तवाल को वर्ष 2026-27 के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की करियर काउंसलिंग कमेटी में नामित किया गया है, जो उनके अनुभव, ज्ञान और पेशेवर योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता है।