
रमणलाल डी. सिंघानिया
व्यवसाय के साथ सेवा का संगम
राजस्थान की मरुधरा से निकलकर दक्षिण भारत में अपनी मेहनत और लगन से पहचान बनाने वाले रमणलाल डी. सिंघानिया आज परदेश में परचम का सशक्त उदाहरण हैं। मूल रूप से बीकानेर निवासी सिंघानिया परिवार की जड़ें फतेहपुर-शेखावाटी से जुड़ी रही हैं और बीकानेर में उनकी करीब आठवीं पीढ़ी बसी रही। रमणलाल डी. सिंघानिया का जीवन यह दर्शाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो व्यक्ति अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर भी कर्मभूमि में नई पहचान बना सकता है। उन्होंने न केवल व्यवसाय में सफलता पाई, बल्कि समाजसेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के माध्यम से परदेश में भी अपने संस्कारों का परचम लहराया। वर्ष 1972 में वे हुब्बल्ली पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्होंने अपने मामा मुरारीलाल बिदासरिया के स्टील रोलिंग मिल में काम शुरू किया और लगभग 36 वर्षों तक (1972 से 2008) इस क्षेत्र में अनुभव हासिल किया। मेहनत और सीख के इस लंबे सफर के बाद उन्होंने दिसंबर 2008 में श्री गोपेश्वर स्टील के नाम से अपना व्यवसाय शुरू किया। आज उनका स्टील ट्रेडिंग व्यवसाय कर्नाटक के साथ-साथ महाराष्ट्र और गोवा तक फैला हुआ है।
सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका
रमणलाल सिंघानिया केवल एक सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि समाजसेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। वे वर्ष 2023 से श्री अग्रवाल समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष हैं और वर्तमान में उनका दूसरा कार्यकाल चल रहा है। समाज के माध्यम से ब्लड डोनेशन, हेल्थ चेकअप कैंप और अग्रसेन जयंती जैसे अवसरों पर सप्ताहभर सांस्कृतिक व खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हुब्बल्ली में अग्रवाल समाज के लगभग 130 परिवार हैं, जिनमें अधिकांश राजस्थान और हरियाणा से जुड़े हुए हैं।
वनवासी क्षेत्रों तक शिक्षा की रोशनी
वर्ष 2020 से वे एकल श्री हरि वनवासी फाउंडेशन के हुब्बल्ली चैप्टर के अध्यक्ष हैं। इस संस्था के माध्यम से वे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं, जहां शिक्षा की कमी है। गांव के ही पढ़े-लिखे युवाओं को बच्चों को पढ़ाने और प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। संस्था द्वारा रथ अभियान भी चलाया जाता है, जिसमें मंदिर स्वरूप रथ गांव-गांव पहुंचकर धार्मिक व सामाजिक जागरूकता फैलाता है। इसमें वीडियो के माध्यम से धार्मिक कथाएं, नाटक और नशामुक्ति के संदेश दिए जाते हैं। यह अभियान पिछले 25 वर्षों से देशभर में चल रहा है और वर्तमान में लगभग 100 रथ सक्रिय हैं।
धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान
वे सनातन सेवा संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट की एडवाइजरी कमेटी के सदस्य हैं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा गोपाल गोसेवा समिति के माध्यम से गौसेवा में भी पिछले तीन वर्षों से जुड़े हुए हैं। सत्संग प्रचार समिति के सदस्य के रूप में भी वे नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। वर्ष 2024 में चव्हाण गार्डन, हुब्बल्ली में शिवपुराण कथा का भव्य आयोजन भी किया गया। श्रीरामचरितमानस प्रचार समिति के भी सदस्य है।
संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने का प्रयास
हाल ही में होली के अवसर पर उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर फूलों की होली का भव्य आयोजन किया, जिससे पर्व की सांस्कृतिक महत्ता को बढ़ावा मिला। वहीं महाशिवरात्रि पर भजन-कीर्तन के आयोजन के जरिए भी उन्होंने धार्मिक वातावरण को सशक्त किया।
परिवार का सहयोग बना प्रेरणा स्रोत
रमणलाल डी. सिंघानिया के सामाजिक और धार्मिक कार्यों के पीछे उनकी धर्मपत्नी कंचन सिंघानिया का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन रहा है। वे सदैव उन्हें सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती रही हैं। पारिवारिक सहयोग के इस मजबूत आधार ने ही उन्हें विभिन्न सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय और सफल बनाए रखा है।
Updated on:
21 Mar 2026 02:04 pm
Published on:
21 Mar 2026 01:28 pm
बड़ी खबरें
View Allहुबली
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
