5 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रीढ़ की बीमारियां बढ़ीं, रोबोटिक सर्जरी से मिल रही नई राहत, आधुनिक तकनीक से बेहतर इलाज संभव

बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र के साथ रीढ़ (स्पाइन) से जुड़ी बीमारियां अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही हैं। हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र में विशेष रूप से 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोग गर्दन और कमर दर्द जैसी समस्याओं से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ये समस्याएं न केवल रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि कई मामलों में चलने-फिरने तक में कठिनाई पैदा कर रही हैं।

2 min read
Google source verification
रीढ़ से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी देते स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सोनी।

रीढ़ से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी देते स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सोनी।

आधुनिक उपचार के बारे में जानकारी
इन चुनौतियों के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही उपचार से इन बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। कई मामलों में मरीज पूरी तरह स्वस्थ भी हो सकते हैं। इसी दिशा में मणिपाल अस्पताल के स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक सोनी ने हुब्बल्ली में एक जागरूकता सत्र आयोजित कर रीढ़ की बीमारियों और उनके आधुनिक उपचार के बारे में जानकारी दी।

रोबोटिक तकनीक से इलाज में क्रांति
डॉ. सोनी के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी ने स्पाइन उपचार की दिशा बदल दी है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में यह तकनीक अधिक सटीक, कम दर्दनाक और तेजी से रिकवरी देने वाली साबित हो रही है। इसमें छोटे चीरे लगाए जाते हैं, रक्तस्राव कम होता है और मरीज कम समय में अपने सामान्य जीवन में लौट पाते हैं। जटिल मामलों में भी यह तकनीक बेहतर परिणाम दे रही है।

रोबोटिक सर्जरी के बाद सामान्य रूप से चल-फिर पा रहे
हुब्बल्ली और धारवाड़ में आयोजित विशेष ओपीडी शिविरों के माध्यम से अब तक 200 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है, जिनमें से कई मरीजों का रोबोटिक सर्जरी के जरिए सफल इलाज हुआ है। इस पहल से क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत भी कम हुई है। इसी का उदाहरण एक 78 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं, जो लंबे समय से गंभीर कमर दर्द और पैरों में सुन्नता से परेशान थे। रोबोटिक सर्जरी के बाद अब वे सामान्य रूप से चल-फिर पा रहे हैं। इसी तरह एक महिला मरीज, जो दैनिक कार्य करने में असमर्थ हो गई थीं, सफल सर्जरी के बाद अब सामान्य जीवन जी रही हैं।

जागरूकता बढ़ाना और जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर पहचान और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए, तो रीढ़ से जुड़ी अधिकांश समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। ऐसे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सही इलाज तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

हुबली

कर्नाटक

ट्रेंडिंग