परदेश में परचम: मोकलसर से हुब्बल्ली तक, मेहनत, संस्कार और सफलता की मिसाल
दो राज्यों के बीच सशक्त सेतु
राजस्थान पत्रिका के विशेष कॉलम परदेश में परचम के तहत आज हम परिचय करा रहे हैं राजस्थान के बालोतरा जिले के मोकलसर निवासी रमेश बाफना से। यह कहानी केवल एक सफल उद्योगपति की नहीं, बल्कि दो राज्यों के बीच मजबूत रिश्तों की सशक्त मिसाल भी है। राजस्थान की व्यापारिक परंपरा और कर्नाटक की कृषि व विकास क्षमता को जोड़ते हुए उन्होंने ऐसा मॉडल खड़ा किया है, जो आज हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। रमेश बाफना की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि व्यक्ति अपने संस्कारों से जुड़ा रहे, तो वह परदेश में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है। उन्होंने न केवल व्यापार में उल्लेखनीय सफलता हासिल की, बल्कि राजस्थान और कर्नाटक के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती दी है। आज वे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
संघर्ष से शुरू हुई विरासत, आज बना मजबूत व्यापारिक समूह
रमेश बाफना के परिवार की यह प्रेरक यात्रा वर्ष 1946 में शुरू हुई, जब उनके पिता मूथा वागमल अपने भाई सांवलचंद के साथ कुंदगोल (कर्नाटक) आए। वर्ष 1965 में परिवार हुब्बल्ली में बस गया। मामा मिसरीमल ओसवाल के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह सफर आज एक सशक्त व्यापारिक समूह में परिवर्तित हो चुका है, जिसे रमेश बाफना ने अपनी दूरदर्शिता और मेहनत से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
किसानों से बाजार तक मजबूत कड़ी
आज उनका मुख्य व्यवसाय अनाज से जुड़ा हुआ है। वे करीब दो लाख किसानों से सीधे जुड़े हैं और हुब्बल्ली-धारवाड़ की लगभग पांच हजार रिटेल दुकानों तक अनाज की नियमित आपूर्ति करते हैं। इसके साथ ही रियल एस्टेट, आईटी और हेल्थ सेक्टर में भी उनका प्रभावी विस्तार है। इस प्रकार उन्होंने राजस्थान की व्यापारिक कुशलता और कर्नाटक की कृषि शक्ति को जोड़ते हुए आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ किया है।
धर्म और सेवा में अग्रणी भूमिका
व्यवसाय के साथ-साथ रमेश बाफना सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में भी अत्यंत सक्रिय हैं। वे श्री आदिनाथ जिनकुशल दादावाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जहां जिनकुशल दादा गुरुदेव एवं आदिनाथ भगवान मंदिर की व्यवस्थित देखरेख की जाती है। मंदिर परिसर के पास 28 वातानुकूलित कमरों और दो विशाल हॉल का निर्माण करवाया गया है। वे वरसिद्धि विनायक मंडल के अध्यक्ष के रूप में वर्ष 2002 से निरंतर सेवा दे रहे हैं। मंडल द्वारा गणपति उत्सव का भव्य आयोजन किया जाता है और अब तक 300 से अधिक सामूहिक विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं, जिनमें जरूरतमंद परिवारों को संपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया है।
गौसेवा और सामाजिक एकता का संकल्प
हुब्बल्ली पांजरापोल (गोशाला) के अध्यक्ष के रूप में वे पिछले 13 वर्षों से सेवा कार्यों में लगे हैं। लगभग 120 वर्ष पुरानी इस गोशाला में बीमार, अपाहिज और बेसहारा गायों को संरक्षण, उपचार और सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाता है, जिससे गौसेवा की परंपरा निरंतर जीवित है। रमेश बाफना श्री ओसवाल सिंवाची जैन संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह संघ 27 गांवों को जोड़ते हुए सामाजिक एकता, सहयोग और सेवा गतिविधियों को मजबूती देता है, जिससे समाज में समरसता का वातावरण बना रहता है।
धार्मिक आयोजनों से समाज में ऊर्जा
वे श्री हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष के रूप में भी लंबे समय से जुड़े हैं। करीब 75 वर्ष पुराने मंदिर की देखरेख के साथ हनुमान जयंती, रामनवमी सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों को यहां भव्य और उत्साहपूर्ण ढंग से आयोजित किया जाता है। इसके साथ ही वे गणेश महामंडल समिति ट्रस्ट के चेयरमैन हैं और पिछले 30 वर्षों से गणपति उत्सव को भव्य स्वरूप देने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। मंदिर परिसर में नवग्रह और नाग देवता मंदिर का निर्माण भी उनके मार्गदर्शन में कराया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सेवा का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। वे कर्नाटक जैन एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जिसके अंतर्गत आर्यन्स पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा मूथा वागमल भूराजी चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से 400 से अधिक सामूहिक विवाह आयोजित किए जा चुके हैं। कुंदगोल स्थित महावीर अस्पताल में मात्र 10 रुपए में जांच और दवाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं विश्व चेतना योगा सेंटर के माध्यम से योग और स्वास्थ्य सेवाएं भी निरंतर प्रदान की जा रही हैं।
सम्मानों से सजी उपलब्धियों की यात्रा
रमेश बाफना को सामाजिक एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें बेस्ट फैमिली रन बिजनेस अवॉर्ड, ब्रांडेड फूड ग्रेन्स एंड पल्सेज अवॉर्ड, स्टार बिजनेस अचीवर अवॉर्ड, बिजनेस लीडरशिप एंड इंस्पिरेशन अवॉर्ड, बेस्ट एफएमसीजी ग्रुप अवॉर्ड और नॉर्थ कर्नाटक बिजनेस एक्सीलेंस अवॉर्ड सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है।