हुबली

गूंजे श्रीयादे माता के जयकारे: श्रद्धा, भक्ति और परंपरा के साथ मनाया श्रीयादे माता का जन्मोत्सव

प्रजापत समाज की कुलदेवी श्रीयादेवी माता का जन्मोत्सव हुब्बल्ली के केशवापुर स्थित रायगर कम्पाउंड में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रजापत समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में समाजजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों […]

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श्रीयादे माता के जन्मोत्सव अवसर पर अतिथियों का सम्मान करते हुए आयोजक एवं समाजजन।

प्रजापत समाज की कुलदेवी श्रीयादेवी माता का जन्मोत्सव हुब्बल्ली के केशवापुर स्थित रायगर कम्पाउंड में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रजापत समाज सेवा संघ हुब्बल्ली-धारवाड़ के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में समाजजनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौराान कार्यक्रम स्थल श्रीयादे माता के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

सेवा और कर्मशीलता का संदेश
श्रीयादेवी माता को प्रजापत समाज की कुलदेवी के रूप में पूज्य माना जाता है। मान्यता है कि माता श्रीयादेवी धर्म, सत्य, परिश्रम और सामाजिक मर्यादाओं की प्रतीक रही हैं। उनका जीवन समाज को संयम, सेवा और कर्मशीलता का संदेश देता है। श्रीयादे माता की कथा प्रजापत समाज की आस्था और परंपरा में विशेष स्थान रखती है। समाजजन उन्हें शक्ति, सुरक्षा और सद्बुद्धि प्रदान करने वाली देवी के रूप में स्मरण करते हैं।

सुख-समृद्धि की कामना
जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत श्रीयादे माता की विधिवत पूजा-अर्चना, आरती और मंगल पाठ से हुई। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में पुष्प अर्पित कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात रात्रि में जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान के भीनमाल से आए भजन कलाकार मुकेश देवासी एंड पार्टी ने श्रीयादे माता की महिमा का गुणगान किया। भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और देर रात तक भक्ति का प्रवाह बना रहा।

आसपास के इलाकों से पहुंचे भक्तगण
इस अवसर पर हुब्बल्ली, धारवाड़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित हुए। आयोजन ने प्रवासी प्रजापत समाज को अपनी राजस्थानी जड़ों, सांस्कृतिक विरासत और आपसी एकता से जोडऩे का कार्य किया। समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं से माता श्रीयादेवी के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सामाजिक मूल्यों को सहेजने का आह्वान किया। आयोजन के समापन पर सभी ने माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए समाज की निरंतर प्रगति की कामना की।

Published on:
21 Jan 2026 09:05 pm
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