कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या पर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के खिलाफ झूठा प्रचार करने और अपनी कुर्सी बचाने के लिए विधानसभा सत्र का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते 22 जनवरी से राज्य विधानमंडल का विशेष संयुक्त सत्र बुलाया है।
दुश्मनी निकालने के लिए विधानसभा के मंच का दुरुपयोग
विजयेंद्र ने कहा कि इस सत्र में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए वीबी जी रामजी एक्ट पर विशेष चर्चा प्रस्तावित है, जो पूर्ववर्ती यूपीए की मनरेगा योजना का संशोधित और उन्नत स्वरूप है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पहले ही इस कानून को लागू न करने और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने मनरेगा में सुधार कर गरीबों और मजदूरों के हित में वीबी जी रामजी एक्ट लागू किया है। लेकिन कांग्रेस सरकार केंद्र के खिलाफ अपनी दुश्मनी निकालने के लिए विधानसभा के मंच का दुरुपयोग कर रही है।
केंद्र सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश
उन्होंने इसे राज्य विधानमंडल की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि जहां सदन में राज्य के विकास और जनता के कल्याण पर चर्चा होनी चाहिए, वहां लोगों को केंद्र सरकार के खिलाफ भड़काने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर संघीय ढांचे को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, जो मुख्यमंत्री हर बात पर संविधान और संघवाद की दुहाई देते हैं, वही आज संघीय व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। पिछले ढाई वर्षों से उन्होंने राज्य के हितों की बजाय केंद्र सरकार पर हमले करने और समाज में विभाजन पैदा करने में समय गंवाया है।
कांग्रेस में नेतृत्व संकट पर निशाना
विजयेंद्र ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के अंदर चल रही नेतृत्व की खींचतान से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री इस सत्र का इस्तेमाल समय खरीदने और डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार को किनारे करने के लिए कर रहे हैं। राज्य में यही चर्चा है। उन्होंने याद दिलाया कि 20 नवंबर को सरकार के कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं, जो 2023 में सरकार गठन के समय हुए कथित सत्ता-साझेदारी समझौते से जुड़ी हैं।
बल्लारी हिंसा और पदयात्रा पर बयान
बल्लारी हिंसा को लेकर बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा पर विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी में कोई भ्रम नहीं है और अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व से सलाह के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु-मैसूरु पदयात्रा के दौरान हुई असमंजस की स्थिति को दोहराया नहीं जाएगा। गौरतलब है कि 1 जनवरी की रात बल्लारी में कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और बीजेपी विधायक जी जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पत्थरबाजी और कथित गोलीबारी के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। यह विवाद वाल्मीकि की मूर्ति के अनावरण से जुड़े पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ था। जेडी(एस) नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी की राज्य राजनीति में संभावित वापसी पर विजयेंद्र ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है और उन्होंने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।