4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चिक्कमगलूरु में इस गर्मी नहीं सताएगा जल संकट

इस वर्ष अच्छी बारिश और भरे हुए जलाशयों के कारण चिक्कमगलूरु जिले के लोगों को गर्मियों में पानी की कमी का सामना करने की संभावना कम है। जिले की अधिकांश झीलों और जलाशयों में अभी भी उनकी क्षमता का आधे से अधिक पानी मौजूद है। जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून के […]

less than 1 minute read
Google source verification
हिरकोले झील

हिरकोले झील

इस वर्ष अच्छी बारिश और भरे हुए जलाशयों के कारण चिक्कमगलूरु जिले के लोगों को गर्मियों में पानी की कमी का सामना करने की संभावना कम है। जिले की अधिकांश झीलों और जलाशयों में अभी भी उनकी क्षमता का आधे से अधिक पानी मौजूद है। जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून के दौरान हुई अच्छी वर्षा के कारण जिले के जलाशय और टैंक भर गए थे। इसके चलते जिले में पेयजल और सिंचाई के लिए फिलहाल पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत 124 झीलें और जिला पंचायत सीमा में 1300 से अधिक छोटे टैंक हैं। इनमें से अधिकांश जलाशयों में अभी भी आधे से अधिक पानी सुरक्षित है। हिरकोले झील, अय्यनाकेरे, मदगडकेरे, विष्णुसमुद्र जैसे प्रमुख जल स्रोतों में पर्याप्त पानी होने से जिले के कई हिस्सों में राहत की स्थिति बनी हुई है।

50 प्रतिशत पानी संरक्षित रखने का लक्ष्य
कडूर तालुक के मदगडकेरे और अय्यनाकेरे जैसे जलाशय किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों के दौरान कम से कम 50 प्रतिशत पानी संरक्षित रखने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आपातकालीन और पशुधन की जरूरतें पूरी हो सकें। हालांकि बढ़ते तापमान के कारण कुछ छोटे जल स्रोतों और धाराओं में पानी का स्तर घटने की संभावना जताई जा रही है। फिर भी फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जिले में बड़े स्तर पर जल संकट की आशंका नहीं है।