
पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येड्डियूरप्पा
पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येड्डियूरप्पा के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए जाने को लेकर भाजपा के कई नेताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस कदम से पार्टी के निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है। भाजपा के पूर्व जिला महासचिव शांतराज पाटिल कहा कि येड्डियूरप्पा ने हाल ही में होन्नाली में आयोजित कार्यक्रम में जिले की कई विधानसभा सीटों के संभावित उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह का निर्णय पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड द्वारा लिया जाता है, इसलिए सार्वजनिक रूप से नामों की घोषणा करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि येड्डियूरप्पा ने केवल संभावित उम्मीदवारों के नाम ही नहीं बताए, बल्कि लोगों से उन्हें वोट देकर सांसद रेणुकाचार्य को मंत्री बनाने में सहयोग करने की भी अपील की, जो पार्टी की प्रक्रिया के विपरीत है।
पार्टी में असंतोष बढ़ रहा
पाटिल ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयानों से पार्टी में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि भाजपा में उम्मीदवार चयन की स्पष्ट प्रक्रिया है और इसका पालन किया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर 5 मार्च को जीएमआईटी गेस्ट हाउस में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री जी.एम. सिद्धेश्वर और हरिहर के विधायक बी.पी. हरिश सहित जिले के कई नेता शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में जिले के 100 से अधिक नेता भाग लेंगे और बैठक की जानकारी राज्य व राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। वहीं पूर्व विधायक एच.पी. राजेश ने कहा कि वह भाजपा की विचारधारा के साथ काम कर रहे हैं और आगामी चुनाव में जगलूर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के इच्छुक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी अन्य दल में जाने का इरादा नहीं रखते।
Published on:
04 Mar 2026 06:53 pm
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