मेंगलूरु में आयोजित बैठक में तटीय कर्नाटक के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार से आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित करने की मांग उठी। बैठक में दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के जनप्रतिनिधियों ने तटीय क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। कर्नाटक कोस्टल […]
मेंगलूरु में आयोजित बैठक में तटीय कर्नाटक के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार से आगामी बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित करने की मांग उठी। बैठक में दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों के जनप्रतिनिधियों ने तटीय क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। कर्नाटक कोस्टल डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएससीडीए) की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि तटीय कटाव को रोकने, सड़क संपर्क बेहतर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तटीय क्षेत्रों में ऊंची सड़कों और अन्य बुनियादी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में मत्स्य बंदरगाहों के विकास, ड्रेजिंग कार्य, जलमार्ग परियोजनाओं तथा पर्यटन स्थलों के उन्नयन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने मछुआरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और बंदरगाहों पर दबाव कम करने के लिए नए जेट्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का सुझाव दिया।
तटीय क्षेत्रों के विकास को गति
इसके अलावा तटीय जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, उच्च शिक्षा संस्थानों के उन्नयन, छात्रावासों के निर्माण और शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता भी जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि बैठक में उठाए गए सभी सुझावों को कार्ययोजना में शामिल कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा, ताकि तटीय क्षेत्रों के विकास को गति मिल सके।