देश का आगामी आम बजट अब कुछ ही दिनों में पेश होने वाला है। ऐसे में देशभर के व्यापारी वर्ग की नजरें सरकार की आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, घटते मुनाफे और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच व्यापारियों को बजट से ठोस राहत की उम्मीद है। उनका मानना है कि यदि बजट […]
देश का आगामी आम बजट अब कुछ ही दिनों में पेश होने वाला है। ऐसे में देशभर के व्यापारी वर्ग की नजरें सरकार की आर्थिक नीतियों पर टिकी हुई हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, घटते मुनाफे और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच व्यापारियों को बजट से ठोस राहत की उम्मीद है। उनका मानना है कि यदि बजट में महंगाई पर नियंत्रण, आम उपयोग की वस्तुओं को सस्ता करने और पारंपरिक व्यापार को संरक्षण देने जैसे प्रावधान किए जाते हैं, तो इससे न केवल व्यापार को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता को भी राहत पहुंचेगी।
बजट को छोटे व्यापार के अनुकूल बनाने की मांग
इलकल के व्यापारी रेखाराम चौधरी मेडा कहते हैं, मौजूदा समय में व्यापार करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि मुनाफे का मार्जिन लगातार घटता जा रहा है। प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक हो गई है कि व्यापार को बनाए रखना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार को बजट में ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगे और व्यापारियों को स्थिर माहौल मिल सके।
ऑनलाइन खरीदारी पर नियंत्रण लगें
बाबा रामदेव विष्णु समाज तोरण्गल्लु के अध्यक्ष वनाराम देवासी कहते हैं, आज का बिजनेसमैन भारी दबाव में काम कर रहा है। महंगाई बढऩे से आम उपयोग की वस्तुएं महंगी हो गई हैं, जिसका सीधा असर व्यापार और ग्राहकों दोनों पर पड़ रहा है। बजट को आम जन के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें सस्ती होनी चाहिए। साथ ही ऑनलाइन खरीदारी पर नियंत्रण लगाने की आवश्यकता हैं, क्योंकि बढ़ती ऑनलाइन खरीदारी से पारंपरिक बाजार और छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।