
(हैदराबाद): हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों को शनिवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना के विरोध में प्रदेश में जगह—जगह प्रदर्शन हुए।
शादनगर पुलिस थाने के सामने सुबह से ही सैंकड़ों लोग इकठ्ठा होने लगे। भीड़ ज्यादा होने पर हालात तनावपूर्ण हो गए। भीड़ को काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का लाठी चार्ज करना पड़ा। बाद में पुलिस ने थाने के गेट बंद कर दिए। इधर महबूबनगर जिले में आरोपी के गांव नरायणपेट में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। हैदराबाद के कुकटपल्ली क्षेत्र में जवाहरलाल नेहरू तकनीकी विश्वविद्यालय के छात्रों ने डॉक्टर को न्याय दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने की मांग करते हुए रैली निकाली। तेलंगाना बार एसोसिएशन के वकीलों ने आरोपियों का मुकदमा न लडऩे का ऐलान किया है।
इधर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किशन रेड्डी और केंद्रीय महिला आयोग सदस्य श्यामला ने पीडि़ता के परिजनों से मुलाकात की। केंद्रीय महिला आयोग ने तेलंगाना में राज्य महिला आयोग की मांग उठाई। केंद्रीय महिला आयोग की सदस्य श्यामला ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने अभी तक सबूत नहीं दिया कि दुर्घटना के समय पुलिस पैट्रॉल वैन कहां थी। श्यामला ने कहा कि जिस समय पुलिस को एक्शन लेना चाहिए था, उस समय पुलिस इस बात में उलझी हुई थी कि मामला किस पुलिस थाने के कार्यक्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि दोनों पुलिस थानों में लापरवाही करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच होनी चाहिए।