यह पंजाब का प्रमुख व्यंजन है, लेकिन इसे नॉर्थ इंडिया के बाकी राज्यों में भी बहुत शौक से खाया जाता है
सर्दियां आते ही सबसे ज्यादा इंतजार होता है सरसों के साग और मक्की की रोटी का। यह पंजाब का प्रमुख व्यंजन है, लेकिन इसे नॉर्थ इंडिया के बाकी राज्यों में भी बहुत शौक से खाया जाता है। यह न केवल स्वाद में लजीज होता है, बल्कि यह पोषण से भी भरा है। सरसों का साग मक्की की, बाजरा की या फिर बेजड़ की रोटी के साथ खाया जा सकता है। इसमें अगर ऊपर से देसी घी डाला जाए तो इसका जायका और बढ़ जाता है। यहां पढ़ें सरसों के साग की आसान रेसिपी -
सामग्री -
सरसों के हरे पत्ते - 500 ग्राम
पालक - 150 ग्राम
बथुआ - 100 ग्राम
टमाटर - 250 ग्राम
हरी मिर्च-2-3
अदरक- 2 इंच लम्बा टूकड़ा
सरसों का तेल - 2 टेबल स्पून
घी - 2 टेबल स्पून
हींग- 2-3 पिंच
जीरा- 1/2 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर- एक चौथाई छोटी चम्मच
मक्के का आटा- 1/4 कप
लाल मिर्च पाउडर- एक चौथाई छोटी चम्मच
नमक- स्वादानुसार ( 1 छोटी चम्मच )
विधि -
सरसों, पालक और बथुआ के पत्तों को साफ करके अच्छी तरह दो बार साफ पानी से धोकर छलनी में रखें, या थाली में रख कर उसको तिरछी रख दें, ताकि उसमें से पानी निकल जाए। पत्तों को मोटा मोटा काट कर कुकर में डालें, एक कप पानी डाल कर उबालने रख दें। कुकर की एक सीटी आने के बाद गैस बन्द कर दें और प्रेसर खतम होने दें।
टमाटर, हरी मिर्च और अदरक को मिक्सी से बारीक पीस लें। कढ़ाई में तेल डाल कर गरम करें। 2 चम्मच तेल डालकर मक्के के आटा हल्का ब्राउन होने तक भून कर प्याली में निकाल लीजिए।
बचा हुआ तेल कढ़ाई में डाल कर गरम करें, गरम तेल में हींग और जीरा डाल दें। हींग और जीरा भुनने के बाद हल्दी पाउडर, टमाटर का पेस्ट और लाल मिर्च डाल कर, मसाले को तब तक भूने कि मसाला तेल छोड़ने लगे। (आप चाहें तो इसमें कतरा हुआ प्याज और लहसुन भी भून सकते हैं।)
कुकर से सरसों के पत्ते निकालें, ठंडा करें, और मिक्सी में दरदरा पीस लें। अब भुने हुए मसाले में, पिसे हुए सरसों के पत्ते, आवश्यकतानुसार पानी, भुना मक्के का आटा और नमक डाल कर चमचे से अच्छी तरह से चलाकर मिला दें। सब्जी में उबाल आने के बाद 5-6 मिनिट तक धीमी आग पर पकने दें। आपकी सरसों की भाजी तैयार है।
सरसों के साग को प्याले में निकाल कर, ऊपर से बटर या घी डाल दें। गरमा गरम सरसों के साग के साथ मक्के की रोटी, नान,परांठा और चपाती परोसिये और खाइए।