इंदौर

रालामंडल अभ्यारण: 10 हेक्टेयर जंगल में लगी आग, 80 दिनों बाद भी जांच पूरी नहीं

रंगपंचमी पर रालामंडल अभयारण्य में लगी थी आग, अब तक नोटिस-बयानों में चल रही जांचकॉलोनाइजर से लेकर बिल्डर तक ने खड़े किए हाथ, आग लगने के कारणों को नहीं किया कबूल

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Jun 14, 2022
 forest fire
रालामंडल अभ्यारण: 10 हेक्टेयर जंगल में लगी आग, 80 दिनों बाद भी जांच पूरी नहीं

इंदौर ।

रालामंडल अभयारण्य में रंगपंचमी पर आग लगने से दस हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ था। विभाग आठ घंटे मशक्कत के बाद आग बुझा पाया, लेकिन आग लगने के कारणों औऱ दोषियों तक पहुंचने के लिए हो रही जांच अब तक कागजों में ही है। 80 दिन से ज्यादा हो गए लेकिन जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। नोटिस और बयान ही हो रहे हैं। हालांकि अधिकारी जांच जल्द पूरी कर खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। जिस मकान मालिक को नोटिस दिया था, उसने भी जवाब दे दिया है।

बता दें रंगपंचमी की सुबह रालामंडल अभयारण्य में आग लगी थी, जो रवेरा टाउनशिप के पीछे से सुलगी थी। इसको बुझाने में वनकर्मियों को आठ घंटे से अधिक लग गए थे। इसमें अभयारण्य का 10 से 12 हेक्टेयर जंगल नष्ट हो गया था। पर्यावरण को नुकसान होने और आग लगने के चलते वन विभाग ने पहले रवेरा टाउनशिप संचालक व मैनेजर को नोटिस दिया था। उन्होंने अपना पक्ष विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।

मकान मालिक ने नहीं कबूला

जांच करने पर रेंजर योगेश यादव ने पाया कि रवेरा टाउनशिप में रहने वाले एक घर में वेल्डिंग का काम किया गया था। घटना के तुरंत बाद बिल्डर और कर्मचारी वहां से गायब हो गए। इस मामले में उन्हें भी नोटिस जारी किया था, लेकिन मकान मालिक ने कबूल नहीं किया।

4-5 लोगों के बयान

जांचकर्ता यादव ने इस आग की घटना को लेकर 4-5 लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांचकर्ता जल्द ही जांच पूरी कर वन विभाग मुख्यालय को भेजेंगे। फिर नुकसान को लेकर जुर्माने की राशि तय की जाएगी।

नोटिस का जवाब मिला

अग्निकांड में हमने मकान मालिक को नोटिस दिया था। उन्होंने कुबूल नहीं किया। उनका जवाब मिल गया है। जल्द ही जांच पूरी कर मुख्यालय भेजी जाएगी।

योगेश यादव

रेंजर और जांचकर्ता

Published on:
14 Jun 2022 11:42 am