
Indore Temple Trustee Murder- इंदौर के अन्नपूर्णा क्षेत्र में बारामत्था मंदिर के ट्रस्टी की शनिवार को पीट-पीटकर हत्या। (फोटो-पत्रिका)
Kailash Modi Murder Case-इंदौर के बारामत्था मंदिर के 70 साल के ट्रस्टी की हत्या से सनसनी फैली हुई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद आरोपी पर कार्रवाई नहीं होना पुलिस और प्रशासन की अनदेखी उजागर करती है। यदि समय रहते पुलिस और प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो आज मंगलवार को सुबह ट्रस्टी कैलाश मोदी की हत्या नहीं होती। आरोपी आए दिन मंदिर परिसर में शराब पीकर आता था और अवैध कब्जे भी कर लिए थे।
अन्नपूर्णा क्षेत्र में मंगलवार सुबह 5.30 बजे नशे में धुत आरोपी ने बारा मत्था बगीची स्थित शिव हनुमान मंदिर के ट्रस्टी की डंडों से पीटपीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कुछ विवाद सामने आए हैं, जिसके कारण केयर टेकर ने ट्रस्टी कैलाश मोदी पर यह हमला किया था। आरोपी केयर टेकर ने मंदिर परिसर में अवैध कब्जे कर लिए थे और अवैध गतिविधियों को लेकर भी आरोपी के खिलाफ कैलाश मोदी ने प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस को कई बार शिकायतें की थीं। क्राइम को कंट्रोल करने के लिए पुलिस के दावों के बीच लोगों का आरोप है कि यदि बार-बार की गई शिकायतों पर प्रशासन एक्शन लेता तो कैलाश मोदी की जिंदगी बच जाती।
अन्नपूर्णा पुलिस के अनुसार बारामत्था बगीची में स्थित शिव हनुमान मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी (70) रोज की तरह मंगलवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे मंदिर पहुंचे थे। एसीपी शिवेंदु जोशी के मुताबिक मंदिर परिसर में ही केयर टेकर आरोपी मुकेश शराब पीने का आदी है और वो अक्सर ही शराब के नशे की हालत में विवाद करता रहता था। इस बात को लेकर ट्रस्टी कैलाश मोदी उसे कई बार समझा चुके थे और अवैध कब्जे और अवैध गतिविधियों को लेकर आरोपी के खिलाफ कई शिकायतें भी पुलिस और प्रशासन को की गई थी।
प्रारंभिक जानकारी में पता चला है कि सुबह जब मोदी मंदिर पहुंचे तो आरोपी शराब के नशे में था। नशे में आने से रोका तो आरोपी डंडा लेकर मोदी को मारने दोड़ा। इस पर मोदी ने बचने का प्रयास किया और मंदिर परिसर से भागे। वे भागते-भागते गुरुदारे के गेट तक पहुंचे ही थे और पीछे-पीछे दौड़कर आ रहे आरोपी ने वहां भी हमला कर दिया। मोदी के सिर और शरीर पर कई वार किए गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और वे जमीन पर गिर पड़े। आरोपी ने मोदी के सिर, हाथ और पैरों पर 31 बार डंडे बरसाए। लोगों ने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी और अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भागते-भागते मोदी पास ही के एक गुरुद्वारे में बचने के लिए घुस गए, वहां भी आरोपी पहुंच गया और उनके सिर पर हमला कर दिया। गुरुद्वारा के वाइस प्रेसिडेंट दिलराज छाबड़ा ने मीडिया को बताया कि सुबह गुरुद्वारे में सत्संग चल रहा था। साउंड सिस्टम के कारण आवाज भीतर तक नहीं आई। छाबड़ा ने बताया कि चौकीदार मुकेश के खिलाफ कई मामले पहले से चल रहे हैं। प्रशासन को कई बार उसके खिलाफ शिकायतें भी हुई हैं। वह मंदिर परिसर में लोगों को परेशान करता था। घटना के वक्त कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ में डंडा देख डर के कोई पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका।
बारामत्था बगीची स्थित शिव हनुमान मंदिर में असामाजिक तत्वों के जमावड़े, शराबखोरी और अवैध कब्जे के खिलाफ बुजुर्ग ट्रस्टी कैलास मोदी पिछले 21 अप्रैल को कलेक्टर की जनसुनवाई में भी गए थे। उन्होंने आरोपी मुकेश शर्मा के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को भी शिकायतें की थी। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की थी। शिकायत में कहा गया था कि असामाजिक तत्वों ने मंदिर का नाम मिटा दिया और बनाए गए स्पीड ब्रेकर को भी तोड़ दिया। मंदिर की जमीन पर अवैध ओटले का निर्माण भी कर लिया था। यमुनानंदन जी का स्मारक हटाने का प्रयास किया गया। पोर्च में लोहे का पक्का चढ़ाव बनाकर चौकीदारों के कमरों पर भी कब्जे के प्रयास हो रहे थे।
बारामत्था मंदिर का अपना एक इतिहास है। महाराजा तुकोजीराव दिव्तीय ने नगर की बस्ती के बाहर हरियाली से भरपूर अतिथि सत्कार गृह के रूप में राज प्रसाद बनाने का निश्चय किया था। लाल बाग से लगे इस मंदिर परिसर में बिल्व वृक्ष के नीचे शिवलिंग के पास भैरव प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिस पर 12 धारियां थीं। इस कारण इसका नाम बारामत्था भैरव पड़ गया। यहां के ट्रस्टी कैलाश मोदी काफी समय से इस परिसर को असामाजिक तत्वों से बचाने के प्रयास कर रहे थे। उनका कहना था कि आज भी भीड़ से निकलकर यदि एकांत और शांति में बैठना हो तो बारामत्था से अच्छा स्थान कोई नहीं है।
Updated on:
16 Jun 2026 03:37 pm
Published on:
16 Jun 2026 03:18 pm
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