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महंगी हुई इंदौर-उज्जैन हेली सेवा, यात्रियों को चुकाने होंगे 1,500 अतिरिक्त रुपए

PM SHRI Heli-Tourism Service: इंदौर-उज्जैन पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा का किराया एटीएफ महंगाई के कारण 5,000 से बढ़ाकर 6,500 रुपए प्रति यात्री कर दिया गया है।
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PM SHRI Heli-Tourism Service: पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा का किराया बढ़ा (Photo Source - Patrika)

PM SHRI Heli-Tourism Service: पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा का किराया बढ़ा (Photo Source - Patrika)

Indore news: एमपी में इंदौर से उज्जैन के बीच संचालित पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा से यात्रा करना अब यात्रियों के लिए महंगा हो गया है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते सेवा का एकतरफा किराया 5,000 रुपए से बढ़ाकर 6,500 रुपए प्रति यात्री कर दिया गया है। यानी अब यात्रियों को एक तरफ की यात्रा के लिए 1,500 रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे। नई दरें लागू होने के बावजूद ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर फिलहाल अधिकांश उड़ानों में सीटें खाली दिखाई दे रही हैं, जिससे किराया बढऩे के बाद मांग में कमी के संकेत भी मिल रहे हैं।

मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के सहयोग से संचालित यह हेली सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध रहती है। हेलिकॉप्टर की प्रति उड़ान क्षमता छह यात्रियों की है। पहले 5,000 रुपए में मिलने वाली यात्रा अब 6,500 रुपए में होगी, जो करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। अधिकारियों के अनुसार एटीएफ महंगा होने के कारण संचालन लागत बढ़ी है, जिसके चलते किराए में संशोधन करना पड़ा।

नवंबर 2025 में होगी शुरू

यह सेवा नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य इंदौर और उज्जैन के बीच तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। खासतौर पर ऐसे श्रद्धालु जो कम समय में महाकाल के दर्शन करना चाहते हैं या सड़क मार्ग की लंबी यात्रा से बचना चाहते हैं उनके लिए यह सेवा शुरू की गई थी।

एक दिन में दो ज्योतिर्लिंग दर्शन की भी सुविधा

हेली सेवा के तहत इंदौर-उज्जैन उड़ान के अलावा उज्जैन और ओंकारेश्वर का संयुक्त धार्मिक हेली पैकेज भी उपलब्ध है। इस पैकेज के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकते हैं।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस सुविधा को शुरुआती दौर में अच्छा प्रतिसाद मिला था, लेकिन किराया ज्यादा होने और दूसरे साधन होने से यात्रियों की संख्या पर इसका असर पड़ रहा है। फिलहाल नई दरें लागू होने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल पर अधिकांश सीटें उपलब्ध दिखाई दे रही हैं। विभाग को उम्मीद है कि आगामी त्योहारों और सावन जैसे धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे से हेली सेवा की मांग में फिर तेजी आएगी।