
Board of Secondary Education: अभिभावकों को बड़ी राहत (Photo Source - Patrika)
Indore news: कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए 13 वर्ष की न्यूनतम आयु की अनिवार्यता से परेशान छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026- 27 के लिए इस नियम को शिथिल कर दिया है। इसके बाद अब 13 वर्ष से कम उम्र होने के कारण प्रोविजनल (अस्थायी) प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का दाखिला स्थायी किया जा सकेगा।
साथ ही बोर्ड के पोर्टल पर उनका नामांकन भी हो सकेगा। मार्च में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा मार्गदर्शिका जारी करते हुए यह अनिवार्य किया था कि कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्र की आयु 1 जुलाई तक कम से कम 13 वर्ष हो। इस नियम के लागू होने के बाद जिले के सैकड़ों विद्यार्थी प्रवेश से वंचित होने की स्थिति में पहुंच गए थे।
कई सरकारी और निजी स्कूलों ने शुरुआत में ऐसे छात्रों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था, जबकि कुछ स्कूलों ने शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए अस्थायी प्रवेश दे दिया था। हालांकि, इन विद्यार्थियों के बोर्ड पोर्टल पर नामांकन और परीक्षा शुल्क जमा करने को लेकर लगातार असमंजस बना हुआ था। अभिभावक लगातार लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल से नियम में राहत देने की मांग कर रहे थे। अब मंडल द्वारा आयु संबंधी शर्त में छूट दिए जाने के बाद यह समस्या दूर हो गई है।
नए निर्णय के तहत अब 13 वर्ष से कम आयु वाले विद्यार्थियों का प्रवेश नियमित माना जाएगा और स्कूल बोर्ड पोर्टल पर उनका नामांकन कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं और बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं स्कूल प्रबंधन भी राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें प्रवेश और नामांकन से जुड़ी तकनीकी व प्रशासनिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लंबे समय से चल रहा यह विवाद फिलहाल समाह्रश्वत हो गया है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बिना किसी व्यवधान के जारी रह सकेगी।
Updated on:
04 Aug 2026 02:33 pm
Published on:
04 Aug 2026 02:29 pm
