बीसीसीआइ ही नहीं मान रहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
विकास मिश्रा
इंदौर. देश में क्रिकेट व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए आदेश का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ही पालन नहीं कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय या आइपीएल मैच के दौरान स्टेडियम की दर्शक क्षमता के 10 फीसदी से अधिक मुफ्त पास जारी नहीं किए जा सकते हैं।
आदेश के विपरीत 24 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इंटरनेशनल वनडे मैच के लिए भेजे एग्रीमेंट में बीसीसीआई ने साउथ पैवेलियन के 1200 पास (काम्प्लीमेंट्री टिकट) एमपीसीए से मांगे हैं। बोर्ड से एग्रीमेंट आने के बाद एमपीसीए असमंजस में हैं।
एमपीसीए ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। एमपीसीए ने कहा है कि इतने पास देना संभव नहीं है। इनकी संख्या कम की जाए वरना मैच कराना संभव नहीं होगा।
मिलेंगे 1.5 करोड़
वनडे मैच की मेजबानी के लिए राज्य संघ को 1.5 करोड़ रु मिलेंगे। बोर्ड द्वारा भेजे एग्रीमेंट में मैच के दौरान खिलाडिय़ों और जनता की सुरक्षा, स्टेडियम की सफाई, आवागमन, मीडिया और सीधे प्रसारण से जुड़ी व्यवस्था के बिंदु शामिल किए हैं। मैच पर एमपीसीए को 1.5 करोड़ के अलावा टिकट बिक्री से राशि मिलेगी।
... तो सदस्यों को नहीं मिलेंगे पास
होलकर स्टेडियम की दर्शक क्षमता 27,600 है। एमपीसीए 2760 से अधिक पास वितरित नहीं कर सकता है। यह 2760 पास भी साउथ पैवेलियन, इस्ट गैलरी और वेस्ट गैलरी की सीटों की संख्या के मुताबिक बांटे जा सकेंगे। पैवेलिनय में करीब ७ हजार सीट हैं, इस आधार पर इसके सिर्फ ७०० पास ही मुफ्त दिए जाएंगे। एमपीसीए को इन्हीं ७०० में से अपने सदस्यों, अंपायर, खेल संगठनों पुलिस तथा जिला प्रशासन के अफसरों समेत सभी को संतुष्ट करना होगा।
- बीसीसीआइ ने 24 अक्टूबर के मैच के लिए एमपीसीए को भेजा एग्रीमेंट
- कोर्ट ने स्टेडियम क्षमता के 10 फीसदी से अधिक पास नहीं देने के दिए हैं आदेश
-गाइडलाइन के मुताबिक पैवेलियन के 700 से अधिक पास नहीं दे सकता एमपीसीए
-एमपीसीए ने बोर्ड को लिखा पत्र, स्थिति स्पष्ट करें वरना नहीं करा सकेंगे मैच
भारत और वेस्टइंडीज के बीच २४ अक्टूबर को होने वाले मुकाबले को लेकर बीसीसीआई से हमें एग्रीमेंट मिला है। बोर्ड ने हमसे साउथ पैवेलियन के १२०० पास देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक इतने पास देना संभव नहीं है। इस संबंध में बोर्ड से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
मिलिंद कनमड़ीकर, सचिव, एमपीसीए