Elevated Corridor Construction: एलिवेटेड कॉरिडोर वर्ष 2023 से उलझा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया था।
Elevated Corridor Construction: एमपी के इंदौर शहर में एबी रोड पर नौलखा चौराहे से एमआइजी के बीच करीब 350 करोड़ खर्च कर बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण का काम शुरू करने के बाद बैरिकेडिंग कर दी गई, लेकिन कार्य कछुआ चाल से ही चल रहा है। करीब 2 माह पहले जनप्रतिनिधियों की बैठक में तीन की बजाय यहां पांच चौराहों पर भुजाएं व रोटरी बनाने की अनुशंसा कर दी गई थी। इस संशोधन को मंजूर कराना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कुंडली मार कर बैठे हैं। प्रस्ताव तैयार कर भोपाल ही नहीं भेजा है।
एलिवेटेड कॉरिडोर वर्ष 2023 से उलझा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया था। दिसंबर 2025 में जब सीएम ने इंदौर के विकास कार्यों की समीक्षा की तो उसमें एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए कहा। इसके बाद जनवरी और फिर 7 फरवरी को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति में जनप्रतिनिधि व संभागायुक्त-कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों की बैठक हुई।
एलिवेटेड कॉरिडोर 4 लेन बनाने का प्रस्ताव है, जनप्रतिनिधियों ने उसे 6 लेन बनाने का सुझाव दिया। मूल योजना में 3 चौराहे एमआइजी, गीताभवन व शिवाजी प्रतिमा चौराहे पर भुजाओं का प्रावधान है। जनप्रतिनिधियों ने 5 चौराहे, जिसमें एमआइजी, पलासिया, गिटार चौराहे पर भी भुजाएं देने और रोटरी बनाने का प्रस्ताव हुआ। बैठक में साफ किया गया कि बजट 50- 100 करोड़ बढ़ जाता है तो सरकार वहन करेगी। संशोधन का प्रस्ताव भोपाल भेजने व ट्रैफिक सर्वे भी करने की बात हुई थी।
बैठक हुए दो महीने हो गए हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी ब्रिज सेल ने संशोधन का प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजा है। सर्वे का काम भी नहीं हुआ है। केवल नींव डालने की शुरुआत ही हो पाई है। दिसंबर में मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए निर्देशित किया, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने फिर प्लानिंग की। वैसे गुजरात की कंपनी को पहले यह ठेका मिल चुका था, निरस्त नहीं होने से कुछ भुगतान भी बिना काम करने की बात सामने आ रही है।
पीडब्ल्यूडी ब्रिज सेल प्रभारी गुनीत कौर भाटिया ने माना कि अभी कॉरिडोर में संशोधन का प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। उनके मुताबिक, पहले रोड सेफ्टी ऑडिट होगा और फिर ट्रैफिक सर्वे किया जाएगा। इसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजेंगे।
-नौलखा चौराहे से एमआइजी के बीच करीब 350 करोड़ खर्च
-एलिवेटेड कॉरिडोर का हो रहा निर्माण काम
-कछुआ चाल से ही चल रहा काम
-प्रस्ताव तैयार कर नहीं भेजा भोपाल
-सर्वे का काम भी नहीं हुआ