
इंदौर. जेंडर चेंज कराने के अब कई मामले सामने आने लगे हैं पर यह मामला कुल अलग है। इंदौर की अलका सोनी ने 47 साल की उम्र में यह काम किया। जेंडर चेंज कराकर वे लड़की से अब लड़का बन गई हैं और उन्हें अब अस्तित्व सोनी के नाम से जाना जाता है। कलेक्टर की ओर से जेंडर सर्टिफिकेट भी मिल गया है।
वे बताते हैं कि — जन्म के बाद कुछ साल सहजता से बीते। करीब 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने यह महसूस किया कि वे लड़की के रूप में सहज नहीं है। उन्होंने अपने माता-पिता को यह बात बताई पर उस समय समाज में इतनी अवेयरनेस नहीं थी। माता—पिता ने उनका साथ तो दिया पर लोकलाज की भी बात समझाई। मेरा पहनावा और अन्य कई काम पुरुषों जैसे हो चुके थे पर समाज मुझे स्त्री के रूप में जानता—पहचानता था। इस दोहरी जिंदगी से घुटन होने लगी थी। आखिरकार 46 साल की उम्र में यह तय कर लिया कि अब जिंदगी अपने ही तरीके से जीना है।
जेंडर अफर्मेशन सर्जरी के लिए मैंने अपना जन्मदिन 14 मार्च काे चुना क्योंकि यह मेरा नया जन्म ही है। मुंबई के एक अस्पताल में जेंडर सर्जरी कराकर अलका से अस्तित्व बन गई। मैंने अपना अस्तित्व पा लिया. इसीलिए अपना नया नाम भी अस्तित्व चुना. उनके आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों में भी नाम बदलकर अलका से अस्तित्व कर दिया गया है। इंदौर कलेक्टर की ओर से जेंडर सर्टिफिकेट भी मिल गया है।
अस्तित्व के परिवार में माता-पिता व दो बहनें हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। सर्जरी के बाद अस्तित्व फिलहाल अस्पताल में ही है। उन्हें 23 मार्च को डिस्चार्ज किया जाएगा। ज्ञातव्य है कि इंदौर में जेंडर अवेयरनेस बढ़ रही है। शहर में 15 ट्रांस मेल हैं जिनमें से 8 लोगों ने पिछले साल ही सर्जरी कराई। जेंडर सर्जरी में कम से कम 8 लाख रुपए से 20 लाख रुपए तक का खर्च आता है।